शाहजहांपुर में शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेसवे के पास पुलिस कर्मियों द्वारा एक दंगा नियंत्रण ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारी को परखना था।
यह पूरी कवायद Superintendent of Police के निर्देशों के तहत की गई। इस प्रशिक्षण अभियान का नेतृत्व Circle Officer Parashurampuri ने किया, जिसमें पुलिस बल ने हिस्सा लिया।
Parashurampuri सर्कल के पुलिस कर्मियों ने इस ड्रिल के दौरान दंगों से निपटने और भीड़ को नियंत्रित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्हें सिखाया गया कि कठिन परिस्थितियों में भीड़ का प्रबंधन कैसे करना है।
उपकरणों का उपयोग और अनुशासन का प्रशिक्षण
अभ्यास के दौरान सभी पुलिस कर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के सही इस्तेमाल के बारे में विस्तार से निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान आपसी तालमेल और अनुशासन बनाए रखना कितना जरूरी है।
अधिकारियों ने पुलिस बल को यह निर्देश दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में संयम बरतें। साथ ही उन्हें पूरी तरह सतर्क रहने और विपरीत परिस्थितियों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
सुरक्षा और सतर्कता पर जोर
Circle Officer ने इस बात पर जोर दिया कि कानून व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय और सतर्कता बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पुलिस बल को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में शांति बनाए रखने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर समय तैयार रहें। पुलिस बल को किसी भी समय अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
ड्रिल का मुख्य उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस दंगा नियंत्रण ड्रिल का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की परिचालन दक्षता को बढ़ाना है। इससे बल की कार्यक्षमता में सुधार होगा।
इस प्रशिक्षण के जरिए पुलिस कर्मियों को दंगों या भीड़ नियंत्रण की स्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि समय रहते स्थिति को संभाला जा सके।

























