उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आठ सीटें जीती हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) के खाते में दो सीटें आई हैं।
विजेताओं को शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को उनके चुनाव प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। इन सभी निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2032 को समाप्त होगा।
भाजपा और सपा के निर्वाचित सदस्य
भारतीय जनता पार्टी की ओर से निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्णा पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
वहीं, समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी राज्यसभा के सदस्य चुने गए हैं।
प्रियंका सिंह रावत की उपलब्धि
भाजपा के टिकट पर चुनी गई प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी की पूर्व सांसद रही हैं। उन्होंने साल 2014 में मात्र 28 साल की उम्र में बाराबंकी से सांसद के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।
प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी जिले से ऊपरी सदन (राज्यसभा) तक पहुँचने वाली तीसरी महिला मानी जा रही हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता के लिए भाजपा का आभार जताया और कहा कि पार्टी ने आम कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां देकर उन्हें सशक्त बनाया है।
नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को घोषणा की थी और मूल रूप से चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को तय किया गया था। हालांकि, कोई अन्य अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में न आने के कारण मुकाबला टल गया और चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ।
इस दौरान कुछ अटकलें भी लगाई गई थीं कि मुकाबला हो सकता है क्योंकि भाजपा ने नौवां नामांकन फॉर्म खरीदा था और खबरें थीं कि सपा तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है। लेकिन कागजातों की जांच और 9 अक्टूबर 2026 की नाम वापसी की समय सीमा के बाद केवल 10 वैध नामांकन ही बचे थे।
प्रमाण पत्रों का वितरण
चुनाव प्रमाण पत्र 9 अक्टूबर 2026 को ही बांटे गए, लेकिन कुछ सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था रही। धनराज परिमल नथवानी को उनका प्रमाण पत्र 12 अक्टूबर को मिलने वाला है।
प्रोफेसर राम गोपाल यादव इस मौके पर मौजूद नहीं थे, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में पूर्व MLC राकेश यादव ने उनके नाम पर प्रमाण पत्र स्वीकार किया।

























