उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को बिजली गिरने से एक भीषण हादसा हो गया। इस घटना में 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा मिश्रीख कोतवाली इलाके के इमालिया गांव में स्थित एक झोपड़ी में हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरी घटना अचानक हुई तेज बारिश और तूफान के दौरान घटी। जब मौसम खराब हुआ, तब लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान बिजली एक झोपड़ी पर गिरी, जिससे वहां मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आ गए।
बारिश से बचने के लिए झोपड़ी में ली थी शरण
मृतक बच्चे की पहचान गंगाराम के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 12 साल थी। वह मन्नीलाल नाम के एक मजदूर का बेटा था। गंगाराम अपने पिता के लिए खेतों में खाना ले जा रहा था, तभी अचानक तूफान आ गया और उसने एक फूस की झोपड़ी में शरण ली।
इसी झोपड़ी के अंदर महमूदपुर गांव की रहने वाली 55 वर्षीय माया देवी भी बारिश से बचने के लिए मौजूद थीं। जैसे ही बिजली उस ढांचे पर गिरी, गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माया देवी इस हादसे में बुरी तरह झुलस गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्रशासन की कार्रवाई और आर्थिक सहायता
हादसे की जानकारी मिलते ही घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। स्थिति को संभालने के लिए मिश्रीख कोतवाली प्रभारी श्याम दास वर्मा और पुलिस चौकी प्रभारी शिवकुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मिश्रीख के उप-जिलाधिकारी (SDM) दीपक कुमार गुप्ता ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आपदा राहत प्रोटोकॉल के तहत सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने यह घोषणा की है कि मृतक के परिवार को राज्य आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
इस घटना से पहले सीतापुर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) डॉ. राजा गणपति हरि ने खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया था। उन्होंने खतरनाक मौसम की स्थितियों के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की थी। इस दुखद घटना के बाद पूरे समुदाय में शोक का माहौल है और परिवार अपने छोटे बेटे के जाने से गमगीन है।









