बरेली के औनला से दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र काश्यप ने भारतीय जनता पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।
यह फैसला 6 अक्टूबर 2026 को पार्टी द्वारा राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद आया है। इस सूची में धर्मेंद्र काश्यप का नाम शामिल नहीं था।
नाम न होने से नाराज काश्यप ने 7 अक्टूबर 2026 को अपनी गहरी असंतुष्टि जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना विरोध जताया।
सोशल मीडिया पर जताया गुस्सा
धर्मेंद्र काश्यप ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया जो अब वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी को ‘टाटा बाय बाय’ कह कर विदा किया।
पार्टी से अपने अलगाव को साफ करने के लिए उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी है।
पार्टी के कामकाज पर उठाए सवाल
काश्यप ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जिन लोगों ने उनके खिलाफ काम किया, उन्हें अब पार्टी में प्रमोशन और सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और उनके साथ लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्हें महसूस कराया गया कि उनका अपमान हुआ है।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति
काश्यप ने कहा कि वह अपने अगले राजनीतिक कदम के लिए समर्थकों और क्षेत्रीय प्रभावशाली लोगों से सलाह करेंगे। वह अपने समर्पित कार्यकर्ताओं की आवाज और आम सहमति के आधार पर ही फैसला लेंगे।
उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और खबरें आ रही हैं कि समाजवादी पार्टी की ओर से उन्हें संपर्क किया जा सकता है। इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:
- काश्यप और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बीच हाल ही में एक बैठक हुई है।
- उनके कुछ समर्थकों ने सार्वजनिक रूप से उनका ‘PDA’ गठबंधन में स्वागत किया है।









