प्रतापगढ़ की गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 20 अक्टूबर को अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहरी सिग्नल पर हुई थी।
इस हमले के दौरान ट्रेन संख्या 24203 वाराणसी से लखनऊ की ओर जा रही थी। पत्थरबाजी की इस घटना में ट्रेन मैनेजर हरिकेश कुमार घायल हो गए थे।
पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
इस गंभीर हमले के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई थी। यह जांच टीम रेलवे डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (प्रथम) अमित कुमार सिंह और GRP प्रतापगढ़ के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज चंचल कुमार सिंह के नेतृत्व में काम कर रही थी।
पुलिस टीम ने रविवार को कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के वाराणसी छोर से दो संदिग्धों को पकड़ा। इन दोनों आरोपियों की पहचान अमेठी कोतवाली क्षेत्र के रायदेपुर निवासी 19 वर्षीय अनुभव सरोज और 20 वर्षीय गणेश सरोज के रूप में हुई है।
अपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। GRP के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन को सुरक्षित रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है।
- आरोपी 1: अनुभव सरोज (19 वर्ष), निवासी रायदेपुर।
- आरोपी 2: गणेश सरोज (20 वर्ष), निवासी रायदेपुर।
- धारा: रेलवे एक्ट की धारा 152।
रेलवे पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस तरह के आपराधिक कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।









