INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को 7 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रखा। नई दिल्ली में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
विपक्ष का आरोप है कि चुनावी सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में अनियमितताएं बरती गई हैं। इस वजह से गठबंधन के नेता CEC ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं।
यह विरोध प्रदर्शन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पटना में भी प्रदर्शन किए गए। वहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए।
राहुल और प्रियंका गांधी की हिरासत और आरोप
7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर के पास कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वडरा को हिरासत में ले लिया। वे एक विरोध स्थल पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। दो दिनों के भीतर यह तीसरी बार था जब इस जोड़े को हिरासत में लिया गया।
प्रियंका गांधी वडरा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर धक्का दिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने विपक्षी नेताओं के साथ किए गए व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। वारिंग ने कहा कि राहुल गांधी के पास Z+ सुरक्षा है, लेकिन उन्हें अकेले एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
वारिंग ने आगे कहा कि यह पूरी तरह से अन्याय है। उन्होंने बताया कि सबके कपड़े फट गए, प्रियंका गांधी घायल हुईं और गिर गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
पुलिस कार्रवाई और चुनाव आयोग की सफाई
इन घटनाओं से पहले 6 अक्टूबर को भी विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिस दौरान दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की थी। पुलिस का कहना था कि चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वडरा और अन्य लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने जबरन आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया। दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने महिला अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उन्हें पहले से अपॉइंटमेंट का कोई अनुरोध नहीं मिला था। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक दलों के साथ बैठकें उसके अपने परिसर में ही आयोजित की जाती हैं।
विपक्ष के आरोप और सरकार का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सरकार की ‘कठपुतली’ करार दिया। वहीं, टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने पुष्टि की कि गठबंधन तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखने का इरादा रखता है।
राहुल गांधी ने चुनावी सूचियों के रिविजन को ‘वोट की चोरी’ का एक तरीका बताया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं।
भाजपा ने इन आरोपों का जवाब दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन पर ‘अराजकता’ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रिविजन प्रक्रिया जरूरी है ताकि सूचियों से मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।
इससे पहले, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 में किसी भी तरह के संशोधन को मंजूरी नहीं दी थी।









