समाजवादी पार्टी ने मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग और मेरठ जिला निर्वाचन कार्यालय को औपचारिक याचिका सौंपी है।
सपा नेता रविंदर प्रेमी ने जिला निर्वाचन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट एंट्रीज की जानकारी दी गई है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि एक ही बूथ पर कुछ मतदाताओं के नाम पांच बार तक दर्ज हैं। अलग-अलग बूथों पर भी एक जैसे नाम, पिता का नाम (वoldiyat) और उम्र वाले मतदाता पाए गए हैं।
- आम नाम वाले मतदाता तीन बार लिस्टेड हैं।
- अनोखे नाम वाले मतदाताओं की एक ही पोलिंग बूथ पर पांच अलग-अलग एंट्री मिली हैं।
समाजवादी पार्टी हाईकमांड ने इन दावों की तुरंत जांच कराने की मांग की है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई और समीक्षा बैठक
इन चिंताओं के जवाब में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बीएलओ (BLO) के जरिए डुप्लीकेट एंट्रीज की पहचान कर उन्हें जल्द हटाने को कहा है, जो अक्सर कई बार आवेदन जमा करने के कारण हो जाती हैं।
भारत निर्वाचन आयोग संभावित फोटो सिमिलर एंट्रीज और डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्रीज के सत्यापन के लिए ECINET प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है।
ये सब तब हो रहा है जब भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 2 नवंबर, 2026 को मेरठ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में चार डिवीजनों के 18 जिलों की चुनाव तैयारियों का आकलन किया जाएगा।
अधिकारी वर्तमान में फॉर्म 7 डिलीशन प्रक्रिया के जरिए इन गड़बड़ियों को सुधारने में जुटे हैं, ताकि सटीक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तैयार हो सके। यह लिस्ट 12 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होने वाली है।









