मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नशामुक्ति केंद्र के अंदर 23 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद केंद्र में मौजूद अन्य मरीजों के बीच भगदड़ मच गई और कई लोग वहां से भाग निकले।
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को रावजी बाजार इलाके के ‘Pehchaan’ नशामुक्ति केंद्र के वॉशरूम में सचिन लोधी का शव फंदे से लटका मिला। लोधी की मौत की खबर मिलते ही अन्य मरीजों में दहशत फैल गई।
मरीजों का पलायन और पुलिस जांच
अटेंडेंस रजिस्टर के आधार पर पुलिस जांच में पता चला है कि करीब 45 मरीज केंद्र से फरार हो गए। हालांकि, केंद्र प्रबंधन ने शुरुआती दावे में कहा था कि 70 से ज्यादा मरीज भागे हैं। बताया गया है कि फरार मरीजों ने मुख्य गेट का ताला तोड़ा और बाउंड्री वॉल फांदकर बाहर निकल गए।
रावजी बाजार पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्टेशन इंचार्ज मनीष मिश्रा ने बताया कि घटनाक्रम को समझने के लिए अधिकारी CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। पुलिस लापता मरीजों को खोजने की कोशिश कर रही है और उनके परिवारों से संपर्क किया है।
मृतक के परिवार ने उनके बहनोई केशव लोधी के जरिए केंद्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि लोधी की मौत वाले दिन सुबह ही इलाज की फीस चुकाई गई थी। 2 नवंबर 2026 तक जांच जारी है।









