वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में मंगलवार रात, 6 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ एक अंडरग्राउंड पानी की टंकी की सफाई करने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत हो गई।
यह हादसा तब हुआ जब छात्र एक गहरे टैंक में उतरे थे। बताया जा रहा है कि यह टैंक लगभग 12 से 18 फीट गहरा था और काफी लंबे समय से इसकी सफाई नहीं की गई थी, जिसकी वजह से इसमें खतरनाक गैसें जमा हो गई थीं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक छात्र टैंक के अंदर गया और बेहोश हो गया। अपने साथी को बचाने के लिए उसके बाद चार अन्य छात्र एक-एक करके टैंक के अंदर उतरे, लेकिन वे भी जहरीली गैस का शिकार हो गए।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
हादसे के बाद सभी पांच छात्रों को टैंक से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान मनु कटारे (20-22 वर्ष), देवांश (17 वर्ष), विशु (18-19 वर्ष) और आर्यन (16-18 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, 15 वर्षीय छात्र रुद्राक्ष की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
गुरुकुल के प्रबंधन पर गंभीर आरोप
जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने मौतों के कारण की पुष्टि की है। अब इस गुरुकुल की जांच की जा रही है जहाँ लगभग 100 छात्र रहते थे।
आरोप है कि यह गुरुकुल साल 2022 से बिना किसी उचित रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा मानकों के चलाया जा रहा था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि छात्रों से घर के कामकाज कराए जाते थे, जिसमें सफाई और रसोई का काम शामिल था।
पुलिस कार्रवाई और सरकारी निर्देश
पुलिस ने गुरुकुल के प्रबंधन की देखरेख करने वाले अंकुर शर्मा को हिरासत में ले लिया है। वहीं, परिसर को किराए पर लेने वाला मुख्य संचालक आशीष शर्मा फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल छात्र को सबसे बेहतर इलाज मिले और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच होगी और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









