उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर स्थित शेखर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई है। इस घटना के बाद महिला के परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में परिजनों को अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है, जिससे वहां काफी हंगामा हुआ।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस मौत और उसके बाद हुए हमले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
अस्पताल का पता और संचालक की जानकारी
यह घटना शाहजहाँपुर के बिजलीपुरा इलाके में स्थित शेखर हॉस्पिटल की है। इस अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर सोम शेखर दीक्षित हैं।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सही तरीके से इलाज नहीं किया गया, जिसकी वजह से महिला की जान चली गई। इसी गुस्से में परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर हमला किया।
शाहजहाँपुर के निजी अस्पतालों में मौतों का इतिहास
शाहजहाँपुर में निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत और उसके बाद परिजनों द्वारा किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों का पुराना इतिहास रहा है। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।
अगस्त 2026 में अजीजगंज के एक निजी अस्पताल में 21 साल की महिला वेदवती की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने भारी हंगामा किया था और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। इसी तरह अगस्त 2026 में अमिता जैन हॉस्पिटल में भी एक महिला की मौत हुई थी, जिसमें परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए थे।
नशे में धुत डॉक्टर और ऑपरेशन का मामला
सितंबर 2026 में पुवायान के चरक हॉस्पिटल में एक और बड़ी घटना हुई थी। यहां 22 साल की गर्भवती महिला जूली की मौत हो गई थी।
आरोप था कि नशे की हालत में डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन किया, जिसके कारण उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद परिजनों ने हाईवे जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था।

























