मुंबई पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के तहत दादर स्थित महाराष्ट्र कांग्रेस के राज्य मुख्यालय तिलक भवन से आदिवासी छात्रों के एक बड़े समूह को हिरासत में लिया गया।
ये छात्र सकल आदिवासी विद्यार्थी आंदोलन कृति समिति के बैनर तले एकजुट हुए थे। वे अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और कांग्रेस कार्यालय में ठहरे हुए थे।
इन छात्रों ने 28 सितंबर 2026 को नासिक से एक पैदल मार्च शुरू किया था। मुंबई पहुंचने तक ये छात्र 180 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर चुके थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने पकड़ा।
आदिवासी छात्रों की प्रमुख मांगें और विरोध का कारण
छात्रों का यह आंदोलन आदिवासी आवासीय स्कूलों और हॉस्टलों की बिगड़ती हालत के खिलाफ था। वे इन संस्थानों में बुनियादी ढांचे की सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों में कुछ मुख्य बिंदु रखे थे, जो इस प्रकार हैं:
- आवासीय स्कूलों और हॉस्टलों के बुनियादी ढांचे में तुरंत सुधार किया जाए।
- Direct Benefit Transfer (DBT) के तहत लंबित छात्रवृत्ति राशि का तुरंत भुगतान किया जाए।
- जनजातीय विकास मंत्री Ashok Uike अपने पद से इस्तीफा दें।
पुलिस ने 5 अक्टूबर को इन छात्रों को आजाद मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी थी। अनुमति न मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी ने छात्रों को अपने कार्यालय में शरण दी थी।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
पुलिस ने 5 अक्टूबर की सुबह जल्दी तिलक भवन परिसर में प्रवेश किया और वहां मौजूद बाकी छात्रों को हिरासत में ले लिया। इससे पहले कुछ छात्रों को आजाद मैदान से भी हिरासत में लिया गया था।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष Harshvardhan Sapkal ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने बल का प्रयोग किया और बिना किसी अनुमति के पार्टी कार्यालय के अंदर घुसे।
Sapkal ने मांग की है कि सभी छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को आजाद नहीं किया गया, तो कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री के आवास वर्षा बंगलो का घेराव करेंगे।
लोकतंत्र पर सवाल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांग्रेस नेता Vijay Wadettiwar ने भी आधी रात को चलाए गए इस पुलिस ऑपरेशन की आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के नेतृत्व में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
भारतीय युवा कांग्रेस ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर राजनीतिक कार्यालय में पुलिस के प्रवेश की निंदा की है।
फिलहाल तिलक भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। छात्रों द्वारा राजभवन की ओर मार्च निकालने की योजना थी, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है।

























