इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में आज सोमवार को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के एक मामले की सुनवाई होनी है। यह मामला गोंडा जिले की तरबगंज तहसील के नगवा गांव से जुड़ा है, जहां सरकारी खलिहानों और खाद गड्ढों की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है।
इस मामले की सुनवाई कोर्ट नंबर 8 में जस्टिस जसप्रीत सिंह की अदालत में होगी। कोर्ट की लिस्ट में इस केस का सीरियल नंबर 3046 है। गोंडा की जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन को इस सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।
डीएम प्रियंका निरंजन को कोर्ट के सामने पेश होकर पिछले आदेशों के पालन की जानकारी देनी होगी। उन्हें एक व्यक्तिगत हलफनामे के जरिए यह बताना होगा कि अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है।
पूर्व ग्राम प्रधान की याचिका और जमीन का विवरण
यह पूरा मामला एक जनहित याचिका (PIL) से शुरू हुआ है, जिसे पूर्व ग्राम प्रधान पराग दत्त मिश्रा ने 15 सितंबर 2026 को दाखिल किया था। याचिका में बताया गया है कि नगवा और जमुआ गांवों में चार अलग-अलग प्लॉट नंबरों वाली जमीनें राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी खलिहान और खाद गड्ढों के रूप में दर्ज हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन सरकारी जमीनों पर 19 लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इन कब्जेदारों के नाम इस प्रकार हैं:
- गंगाराम, छंगुर, बृजेश कुमार सिंह, शिव शंकर तिवारी, शिवदान सिंह, बशीर, संजू सिंह, हलवंत सिंह, पारस नाथ सिंह, जयपाल सिंह।
- देवेन्द्र प्रताप सिंह, मोहम्मद नईम, दयाशंकर सिंह, ब्रह्म दत्त सिंह, सालिक राम, हरीश चंद्र, शेष राज सिंह, प्रदीप सिंह और शम्सुद्दीन।
हाईकोर्ट के निर्देश और आज की सुनवाई
इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए थे। कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में एक अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) जमा करने को कहा था। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और खुद कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया गया था।
आज की सुनवाई मुख्य रूप से जमीन की वर्तमान स्थिति और बेदखली के लिए उठाए गए कदमों पर केंद्रित होगी। कोर्ट यह देखेगा कि न्यायिक निर्देशों का पूरी तरह से पालन हुआ है या नहीं। इस पूरे मामले पर कोर्ट के अगले निर्देशों की जनता काफी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रही है।

























