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Naradsamvad

पुरुषोत्तम मास के दूसरे सोमवार पर उमड़ी शिवभक्तों की आस्था

Vivek Shukla
3 Min Read

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला


लोधेश्वर महादेवा में देर शाम तक चलता रहा जलाभिषेक, दंडवत परिक्रमा कर पहुंचे श्रद्धालु

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महादेवा, बाराबंकी। पुरुषोत्तम मास (मलमास) के दूसरे सोमवार पर सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, फल-फूल और पूजन सामग्री लेकर हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयघोष के बीच कतारबद्ध होकर गर्भगृह में पहुंचे और भगवान लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक व दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।रविवार रात से ही महादेवा मंदिर जाने वाले मार्गों पर दंडवत परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सोमवार को भी दिनभर श्रद्धालु पैदल, विभिन्न वाहनों तथा दंडवत परिक्रमा करते हुए मंदिर पहुंचते रहे। मंदिर परिसर में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भक्ति गीतों के बीच साष्टांग दंडवत करते हुए परिक्रमा लगाते नजर आए। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। मेला परिसर में श्रद्धालु जगह-जगह छांव तलाशते भी दिखाई दिए।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उपजिलाधिकारी रामनगर आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह व नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी राजस्व कर्मियों के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत मंदिर परिसर में मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहीं।मंदिर गर्भगृह में थानाध्यक्ष रामनगर अरुण प्रताप सिंह और महादेवा चौकी प्रभारी रजनीश कुमार पांडे श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक जलाभिषेक कराने और बाहर निकालने में जुटे रहे। पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही।प्रशासन की ओर से मेले में श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। हालांकि अनुमान के मुताबिक भीड़ कम रही, जिससे बैरिकेडिंग का पूरा उपयोग नहीं हो सका। शिव अभरण सरोवर में गहरे पानी में न जाने के लिए जगह-जगह चेतावनी संकेत लगाए गए थे। साथ ही पीएसी की लखनऊ बाढ़ राहत टीम मोटर बोट के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात रही।स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंदिर परिसर में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं को चिकित्सीय परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गईं। पूरे मेला क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।

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