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Kashmir Travel Tourism Impact; Pahalgam Terror Attack | Amarnath Yatra | हर 10 में 6 परिवार कश्मीर ट्रिप कैंसिल कर रहे: पहलगाम हमले से डर में लोग, 21% अगले 3 साल कश्मीर नहीं जाएंगे, अमरनाथ यात्रा पर भी असर

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Naradsamvad - Narad news Agency
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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हर 10 में से 6 परिवार इस साल अपनी कश्मीर ट्रिप कैंसिल कर रहे हैं। वहीं 21% लोगों का कहना है कि वो आने वाले 3 सालों में भी कश्मीर की यात्रा नहीं करेंगे। कम्युनिटी प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल्स ने देश के 361 ज

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सर्वे में ये भी सामने आया कि 33% लोग सरकार के स्थिति से निपटने के बाद फैसले लेंगे कि कश्मीर जाना है या नहीं। 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट्स पर हुए आतंकी हमले में 28 यात्रियों की मौत हो गई थी। हमले के बाद कश्मीर घूमने गए लोग तुरंत लौटने लगे और जिन्होंने ट्रिप प्लान की थी वो भी इसे कैंसिल करने लगे।

15 हजार लोगों ने फ्लाइट टिकट कैंसिल कराई

इस हमले से कश्मीर की टूरिज्म इंडस्ट्री पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है। हमले के बाद 15,000 से ज्यादा लोगों ने अपनी कश्मीर की फ्लाइट टिकट कैंसिल कराई हैं। इससे पहले मार्च में विधानसभा सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया था कि इस साल अब तक घाटी में 2.3 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं। इससे पहले 2022 में 1.8 करोड़ से ज्यादा तो 2023 में 2.1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कश्मीर यात्रा की थी।

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अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप है पहलगाम, यात्रा प्रभावित हो सकती है

कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले का असर जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ सकता है। यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगी, जिसके लिए 14 अप्रैल से ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए थे। पहलगाम, अमरनाथ यात्रा के लिए एक मुख्य बेस कैंप रहता है। यात्रा पर आए लोग यहां ठहरते हैं। उनके लिए मेडिकल सुविधाओं और आगे की चढ़ाई का प्रबंध भी पहलगाम से होता है। ऐसे में हमले का असर पहलगाम यात्रा पर भी पड़ सकता है।

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अमरनाथ यात्रा हमेशा ही आतंकवादियों के निशाने पर रहती है। इससे पहले भी अमरनाथ यात्रा पर जा रहे सैलानी आतंकवादी हमले का शिकार हो चुके हैं-

2000: नुनवान बेस कैंप में आतंकवादी हमले में 32 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 24 अमरनाथ यात्री थे।

2001: शेषनाग बेस कैंप में हुए हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी।

2002: चंदनवारी बेस कैंप में हुए हमले में 11 लोगों की जान गई थी।

2017: अमरनाथ यात्रा से लौट रहे 8 लोगों को आतंकवादियों ने बस में मार दिया था।

सर्वे में रिस्पॉन्स देने वाले 63% पुरुष और 37% महिलाएं

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सर्वे में 361 जिलों के लोगों ने भाग लिया था। इसमें से 63% पुरुष और 37% महिलाएं थीं। 41% लोग टायर-1 जिलों से, 28% टायर-2 जिलों से और 31% टायर-3, 4 और 5 जिलों से थे।

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आज का एक्सप्लेनर:पाकिस्तान ने क्यों खेला पहलगाम अटैक का खतरनाक दांव, क्या हासिल करना चाहता था; कितना भारी पड़ेगा पाक आर्मी चीफ का ब्लंडर

पहलगाम हमले के बाद शक की सुई सीधे पाकिस्तान की मिलिट्री और उसके चीफ असीम मुनीर की तरफ घूम गई है। हमले से ठीक 6 दिन पहले असीम ने कश्मीर को पाकिस्तान के ‘गले की नस’ कहा था। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर का दिया बयान कहीं न कहीं इस हमले की ओर इशारा करता है। पूरी खबर पढ़िए…

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