कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने निवास पर हाई-लेवल बैठकें की हैं। इस चर्चा में पार्टी के महासचिव, राज्यों के प्रभारी, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए ताकि पार्टी की भविष्य की रणनीति तय की जा सके।
ये आंतरिक चर्चाएं राजनीतिक गतिविधियों के एक दौर के बाद हुई हैं। इसमें अक्टूबर में दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए प्रदर्शन शामिल हैं, जहां कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की थी।
संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक आरोप
पार्टी नेतृत्व जहां राष्ट्रीय रुख तय कर रहा है, वहीं राहुल गांधी पंजाब में सक्रिय रूप से कैंपेन कर रहे हैं। उन्होंने आगामी चुनावी चक्रों से पहले संगठनात्मक मजबूती के लिए 4 नवंबर, 2026 को ‘इंसाफ रैली’ में हिस्सा लिया।
पार्टी का रणनीतिक दृष्टिकोण आंतरिक एकजुटता और व्यापक विपक्षी एजेंडे पर केंद्रित है। इसके तहत अक्टूबर के मध्य में ‘मॉक पार्लियामेंट’ सत्र जैसे कदम उठाए गए।
दूसरी ओर, राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। 5 नवंबर, 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस नेता की हालिया विदेश यात्राओं को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भारत विरोधी भावना रखने वाले लोगों के साथ बातचीत की है। पार्टी का कहना है कि उसका वर्तमान ध्यान जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने और चुनावी रणनीति पर है।









