गोंडा की जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने 4 नवंबर, 2026 को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से जनसंख्या गणना पर ध्यान दिया गया।
बैठक के दौरान गणनाकारों और सुपरवाइजरों के ट्रेनिंग शेड्यूल और आगामी सेल्फ-एन्युमरेशन (स्व-गणना) प्रक्रिया के ढांचे पर चर्चा की गई। डीएम प्रियंका निरंजन ने उन कर्मचारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई जो गणनाकारों और सुपरवाइजरों के अनिवार्य प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तय नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
जनगणना और जागरूकता अभियान
जिला मजिस्ट्रेट ने जनगणना के राष्ट्रीय महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या प्रतिबद्धता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 16 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली सेल्फ-एन्युमरेशन प्रक्रिया के लिए डीएम ने अधिकारियों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य नागरिकों को इस प्रक्रिया के लक्ष्यों, तरीकों और उपयोगिता के बारे में बताकर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है। विभागों को निर्देश दिया गया कि वे प्रचार योजनाओं को अंतिम रूप देने और सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के लिए आपसी समन्वय करें।
डीएम निरंजन ने आगे निर्देश दिया कि जनगणना 2027 की सफलता के लिए सभी विभाग अपनी सौंपी गई जिम्मेदारियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने प्रोजेक्ट शेड्यूल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रेनिंग, जन जागरूकता पहल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा के आदेश दिए।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, संबंधित उप-जिलाधिकारी, जनगणना प्रशिक्षक विनीत कुमार मिश्रा और अन्य अधिकारी मौजूद थे।









