उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने मुरादाबाद जोन में केंद्रित 90 करोड़ रुपये की एक बड़ी GST धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस घोटाले को पकड़ने के लिए ‘GST Prime’ डेटा एनालिसिस टूल का इस्तेमाल किया गया, जिससे केवल कागजों पर चलने वाली कई शेल कंपनियों की पहचान हुई।
जांच में सामने आया कि यह पूरा रैकेट बिना किसी वास्तविक व्यापारिक लेनदेन के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने में शामिल था।
फर्जी बिलिंग और वाहनों की जब्ती
जांचकर्ताओं ने पाया कि हिंडन, बिहार और गाजियाबाद से जुड़ी संदिग्ध फर्मों ने सिर्फ दो दिनों के भीतर 35 फर्जी ई-वे बिल जारी किए थे। इसके जवाब में GST विभाग ने रास्ते में जा रहे छह संदिग्ध वाहनों को रोककर हिरासत में ले लिया।
बताया गया है कि यह फर्जी बिलिंग गतिविधियां मेटल स्क्रैप और लेड इंगट ट्रेडिंग की आड़ में की जा रही थीं, जबकि वास्तव में माल की कोई आवाजाही नहीं हो रही थी।
- विभाग ने सेक्शन 21E के तहत विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित फर्मों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- पूरे मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए CGST कमिश्नर के पास भेज दिया गया है।









