बाराबंकी पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर नितेश मौर्य की हत्या के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक Raveena Tyagi ने फतेहपुर सर्कल ऑफिसर Shakti Singh के साथ इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह पैसों का विवाद था। पीड़ित का RO प्लांट लगाने के 14 लाख रुपये के भुगतान और धान खरीद से जुड़े एक अलग 10 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद था।
पैसों के विवाद में रची गई साजिश
जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि इस पुरानी दुश्मनी के कारण आरोपियों ने हत्या की साजिश रची थी। सबूत मिले हैं कि 5 लाख रुपये के बदले कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का इंतजाम किया गया था।
SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट और बद्दुपुर पुलिस स्टेशन की एक संयुक्त टास्क फोर्स ने चार आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों की पहचान Manoj Maurya, Deep उर्फ Dilip Kumar Verma, Amarendra Verma और Ankit Gupta के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने एक Swift Dzire कार भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया था। पुलिस फिलहाल मामले के अन्य पहलुओं और प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिका की जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में वित्तीय विवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग मुख्य निष्कर्ष रहे हैं, जबकि अंतिम कानूनी निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से तय किए जाएंगे। बाराबंकी पुलिस ने इन गिरफ्तारियों को हत्या की जांच में एक बड़ी सफलता बताया है।









