गोंडा पुलिस ने बुधवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख अमित कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना है।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जनता को फर्जी नौकरियों, पार्ट-टाइम काम और ऑनलाइन टास्क आधारित घोटालों के लिए जालसाजों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि अपराधी सोशल मीडिया, WhatsApp, Telegram, SMS और ई-मेल के जरिए ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ या पार्ट-टाइम रोजगार के आकर्षक ऑफर भेजते हैं, जिसमें कम मेहनत में अधिक वेतन और भारी मुनाफे का वादा किया जाता है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके
ये जालसाज शुरुआत में छोटे टास्क देकर भरोसा जीतते हैं और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, टास्क अपग्रेड और टैक्स के नाम पर बड़ी रकम की मांग करते हैं। गोंडा पुलिस ने नागरिकों के लिए सुरक्षा के कुछ मुख्य सुझाव जारी किए हैं:
- केवल अधिकृत और विश्वसनीय जॉब पोर्टल या आधिकारिक कंपनी वेबसाइट का उपयोग करें।
- अज्ञात व्यक्तियों, बैंक खातों में या संदिग्ध QR कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर न करें।
- अज्ञात लिंक, QR कोड या APK फाइल डाउनलोड करने या क्लिक करने से बचें।
- अपना बैंक अकाउंट विवरण, UPI पिन, ATM पिन या OTP किसी के साथ साझा न करें।
- आधिकारिक पते और कस्टमर केयर नंबरों की जांच कर जॉब ऑफर की वैधता सत्यापित करें।
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर नागरिकों से तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर घटना की रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने संदेश दिया: ‘लालच से बचें, सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।’









