गोंडा पुलिस ने खोडारे इलाके में एक फर्जी अपहरण की साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार शाम चिवथवा निवासी सुनील ने UP 112 इमरजेंसी सर्विस को रिपोर्ट दी थी कि उनके भाई शिवम राजभर का अपहरण कर लिया गया है।
स्टेशन ऑफिसर ज्ञान सिंह और उनकी टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने फिरौती की मांग वाले मोबाइल फोन को ट्रेस किया, जिसके बाद शिवम राजभर राघव बस्ती के पास सड़क से करीब एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मिले।
पैसे ठगने के लिए रची साजिश
शुरुआत में दावा किया गया था कि शिवम को बेहोशी की दवा दी गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि यह पूरी घटना शिवम द्वारा रची गई थी। शिवम ने अपने भाइयों से 10,000 रुपये ठगने के लिए इस फर्जी अपहरण का नाटक किया था।
बचाव के बाद शिवम को प्राथमिक चिकित्सा जांच के लिए बभनजोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। पूछताछ के दौरान शिवम ने अपने दो साथियों के नाम बताए, जिनमें पिपरा इस्माइल से उसका ममेरा भाई राहुल और जलालपुर का मासूम रजा शामिल था।
पूछताछ में राहुल और मासूम रजा ने स्वीकार किया कि अपहरण और बेहोशी की दवा देने का दावा एक सोची-समझी साजिश थी। खोदारे पुलिस ने इस मामले में खोडारे थाने में केस दर्ज कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। तीनों संदिग्ध फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और कानूनी प्रक्रिया जारी है।









