महाराष्ट्र ने अपने प्रशासनिक कामकाज में संप्रभु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जोड़ने के लिए MahaINDUS प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका लाभ लगभग 2500 अधिकारी उठाएंगे। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राज्य ने इतने बड़े पैमाने पर अपने शासन ढांचे में संप्रभु AI को शामिल किया है।
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने 28 अक्टूबर 2026 को Mahasarathi पोर्टल की समीक्षा की, जहाँ उन्होंने एक एंटरप्राइज समझौते पर हस्ताक्षर करवाए। यह अनुबंध राज्य के Commissionerate of Electronics, Information Technology and Artificial Intelligence और Axonwise Private Limited के बीच हुआ है, जो Sarvam AI के रूप में काम करती है।
प्रोजेक्ट की लागत और बजट
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, चीफ সেক্রেটারি की अध्यक्षता वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने अगस्त 2026 में इस तैनाती को मंजूरी दी थी। इस परियोजना के लिए दो साल का सांकेतिक बजट 11.26 करोड़ रुपये तय किया गया है।
पहले वर्ष की अनुमानित लागत 5.63 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने 1,200 रुपये प्रति यूजर प्रति माह की फाउंडेशन पार्टनर दर तय की है, जो 2,500 रुपये की मानक बाजार दर से काफी कम है।
प्लेटफॉर्म की विशेषताएं और कार्यक्षमता
MahaINDUS प्लेटफॉर्म एक ऐसा वर्कस्पेस प्रदान करता है जिसे गहन नीति अनुसंधान और दस्तावेज़ विश्लेषण के लिए डिज़ाइन किया गया है। Sarvam AI के पार्टनरशिप पेज के अनुसार, अधिकारी इसका उपयोग नोट तैयार करने और दस्तावेजों का अनुवाद करने के लिए करेंगे।
- यह सिस्टम मराठी सहित 22 भाषाओं में सारांश, डेटा विश्लेषण और स्कैन किए गए रिकॉर्ड पर ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) का समर्थन करता है।
- सरकारी जानकारी घरेलू रहे, इसके लिए सारा डेटा प्रोसेसिंग भारत के भीतर ऑडिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा।
- यूजर्स के लिए सरकारी प्रस्तावों (GR) के संशोधनों को खोजने और ट्रैक करने का टूल उपलब्ध है।
- इसमें ईमेल समराइज़र और प्रस्ताव बोलियों (RFP bids) के लिए एक इवैल्यूएटर भी शामिल है।
इन टूल्स का उद्देश्य उन भाषा बाधाओं को दूर करना है जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से सरकारी उत्पादकता में बाधा डाली है।
अन्य डिजिटल पहल और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने AI प्लेटफॉर्म के साथ कई अन्य डिजिटल पहल भी शुरू की हैं। इनमें MahaDBT 2.0 पोर्टल के लिए 36 नई योजनाएं, Aaple Sarkar 2.0 प्लेटफॉर्म पर 71 नई सेवाएं और Maitri पोर्टल में सुधार शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इन टूल्स के जरिए नागरिकों के लिए योजना वितरण और शिकायत निवारण की गति को बढ़ाना है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम IndiaAI मिशन के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है। इस मिशन का परिव्यय 10,372 करोड़ रुपये है और इसका ध्यान विदेशी प्लेटफॉर्मों पर निर्भरता कम करने पर है। देश के अंदर डेटा रखकर महाराष्ट्र सरकार उन संप्रभुता संबंधी चिंताओं को दूर कर रही है, जो अक्सर सार्वजनिक क्षेत्र में विदेशी जेनरेटिव टूल्स को अपनाने में देरी करती हैं।
इस पहल की सफलता को उपयोग के छह से बारह महीनों के बाद उत्पादकता लाभ से मापा जाएगा। सरकार ने संकेत दिया है कि वर्तमान वर्कस्पेस केवल एक शुरुआती कदम है। भविष्य की योजनाओं में नागरिक आउटरीच में सहायता के लिए वॉयस एजेंट और अन्य उन्नत स्पीच टेक्नोलॉजी का एकीकरण शामिल है।
mid-day, Financial Express और CNBC TV18 सहित विभिन्न आउटलेट्स की स्वतंत्र रिपोर्टों ने समझौते के विवरण की पुष्टि की है। Sarvam AI ने सशस्त्र बलों के भीतर इन टूल्स को लागू करने के लिए Headquarters Integrated Defence Staff के साथ एक अलग पांच साल का समझौता ज्ञापन भी साझा किया है। राज्य डेटा हैंडलिंग और मॉडल प्रदर्शन की निगरानी करते हुए रोलआउट का प्रबंधन करना जारी रखे हुए है।









