Jio Platforms Limited ने 28 अक्टूबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी शुरुआत की। कंपनी के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 21.36 प्रतिशत प्रीमियम पर खुले। इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के बाद डिजिटल सर्विसेज दिग्गज की वैल्यू लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जिससे यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई है।
लिस्टिंग समारोह के दौरान Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी के साथ मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश, ईशा और अनंत अंबानी मौजूद रहे। कंपनी ने शेयरों के शुद्ध नए इश्यू के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस राशि का उपयोग इसकी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्रीपे करने के लिए किया जाएगा।
निवेशकों का भारी उत्साह और सब्सक्रिप्शन
इस इश्यू के लिए पब्लिक सब्सक्रिप्शन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर, 2026 तक चला। एक्सचेंज फाइलिंग के आंकड़ों के अनुसार, यह ऑफरिंग लगभग 95 से 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई थी। कुल 1.38 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जो किसी भी भारतीय आईपीओ के लिए एक रिकॉर्ड है। सभी श्रेणियों में कुल मांग लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
- कुल सब्सक्रिप्शन रेट 22.19 गुना रहा।
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने इसे 70.55 गुना सब्सक्राइब किया।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने करीब 14 गुना सब्सक्रिप्शन लिया।
- रिटेल पार्टिसिपेंट्स 2.72 गुना तक पहुंचे।
- कर्मचारियों और Reliance Industries के शेयरधारकों ने क्रमशः 2.93 गुना और 7.60 गुना सब्सक्रिप्शन लिया।
शेयरों की कीमत 1,065 से 1,119 रुपये के बैंड के बीच तय की गई थी। लिस्टिंग के समय कीमत 1,358 रुपये तक पहुंच गई। ट्रेडिंग सत्र के अंत तक शेयर 1,419 रुपये के करीब बंद हुआ, जो लगभग 26 से 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह प्रदर्शन हालिया बड़ी मार्केट लिस्टिंग्स के विपरीत है जिनमें मामूली बढ़त देखी गई थी।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाएं
Jio Platforms के पास वर्तमान में 500 से 540 मिलियन से अधिक ग्राहकों का आधार है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए लगभग 1.47 ट्रिलियन रुपये का राजस्व और 300.5 बिलियन रुपये का लाभ दर्ज किया है। आंतरिक कंपनी बयानों के अनुसार, यह साल-दर-साल 15 प्रतिशत की वृद्धि है। यह बिजनेस अब राष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक का एक बड़ा हिस्सा संभाल रहा है।
Meta और Google जैसे रणनीतिक समर्थक कंपनी में पहले से निवेश किए हुए हैं। यह लिस्टिंग 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड एंटरप्राइज सेवाओं में भविष्य के विस्तार का रास्ता खोलती है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी की वैल्यूएशन इसे 100 बिलियन डॉलर क्लब के वैश्विक टेक्नोलॉजी दिग्गजों के बीच खड़ा करती है।
कंपनी अब बाजार की कड़ी निगरानी में रहते हुए अपने डिजिटल रोडमैप को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। निवेशक अब यह पुष्टि करने के लिए आगामी तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं कि क्या वर्तमान कमाई की वृद्धि स्थिर बनी रहती है। भविष्य का ट्रेडिंग वॉल्यूम यह संकेत देगा कि क्या यह डेब्यू देश में आने वाले बड़े टेक्नोलॉजी इश्यू के लिए एक स्थायी ट्रेंड बनेगा।









