केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया है कि मोबाइल फोन Production Linked Incentive (PLI) स्कीम के तहत भारत ने 3.25 लाख करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व कमाया है। यह आधिकारिक आंकड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरकारी प्रोत्साहनों की आर्थिक व्यवहार्यता पर हालिया आलोचनाओं का जवाब देते हैं।
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन दिए, जबकि इसके बदले में कुल 3.25 लाख करोड़ रुपये का टैक्स संग्रह किया गया। The Hindu और अन्य रिपोर्टों के आंकड़ों के मुताबिक, इसमें डायरेक्ट टैक्स का योगदान 25,000 करोड़ रुपये रहा और GST से 3 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए। ये आंकड़े इस क्षेत्र में किए गए वित्तीय खर्च पर मिलने वाले बड़े रिटर्न को दर्शाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में मैन्युफैक्चरिंग रोजगार 25 लाख लोगों तक पहुंच गया है, जिसमें से 12 लाख कर्मचारी विशेष रूप से मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्यात में आठ गुना वृद्धि हुई है, जो एक दशक पहले के 0.38 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
स्थानीय विकास के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग स्कीम
इस रफ्तार को जारी रखने के लिए सरकार ने हाल ही में 62,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ Mobile Phone Manufacturing Scheme को मंजूरी दी है। Ministry of Electronics and Information Technology द्वारा 21 अगस्त 2026 को अधिसूचित यह कार्यक्रम वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगा। इस योजना का लक्ष्य पांच साल की अवधि में कुल 39 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन हासिल करना है।
नई स्कीम की पात्रता शर्तों में न्यूनतम टर्नओवर की आवश्यकता और समय के साथ बढ़ने वाले इंक्रीमेंटल सेल्स टारगेट शामिल हैं। कंपनियां जरूरी कंपोनेंट्स घरेलू स्तर पर खरीदने के लिए 1.5 प्रतिशत तक के अतिरिक्त प्रोत्साहन पा सकती हैं। भारतीय ब्रांड्स को डिजाइन और रिसर्च एवं डेवलपमेंट गतिविधियों के लिए 3 प्रतिशत तक की सहायता मिलेगी।
पॉलिसी विशेषज्ञों का मानना है कि नई स्कीम केवल असेंबली के बजाय गहरे स्थानीयकरण (localisation) पर केंद्रित है। सरकार ने अक्टूबर 2028 तक एक स्वदेशी स्मार्टफोन ब्रांड तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस कदम का उद्देश्य आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना और घरेलू सीमाओं के भीतर वैल्यू चेन पर अधिक नियंत्रण पाना है।
Ashwini Vaishnaw ने 27 अक्टूबर 2026 को X पर ये आंकड़े साझा किए, जो Bloomberg द्वारा प्रकाशित एक वीडियो विश्लेषण का सीधा जवाब था। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस बात का बचाव किया कि प्रोत्साहन ढांचा आर्थिक लाभ देने में विफल रहा है।
भविष्य के लक्ष्य और पॉलिसी आउटलुक
Mobile Phone Manufacturing Scheme का कार्यान्वयन मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान गंभीरता से शुरू होगा। अधिकारी घरेलू वैल्यू एडिशन की प्रगति पर नजर रखने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर प्रदर्शन की निगरानी करेंगे।
- नई स्कीम के तहत वास्तविक उत्पादन दावों और निर्यात आंकड़ों का डेटा आने वाली तिमाहियों में जारी होने की उम्मीद है।
- इन प्रयासों की सफलता भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
पॉलिसी हलकों में चल रही चर्चाएं असेंबली लाइनों से आगे निरंतर विकास की आवश्यकता पर जोर देती हैं। भविष्य के औद्योगिक समर्थन की दिशा इस बात से तय होगी कि क्या ये लक्ष्य एक लचीले स्वदेशी इकोसिस्टम का निर्माण कर पाते हैं।









