Jio Platforms Ltd. ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1,358 रुपये प्रति शेयर पर खुले। इस लिस्टिंग वैल्यू के साथ कंपनी 12.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की हो गई है, जिससे यह अपनी पैरेंट संस्था Reliance Industries Ltd. के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।
शेयर IPO इश्यू प्राइस 1,119 रुपये के मुकाबले लगभग 21.4 प्रतिशत प्रीमियम पर खुले। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, इस बदलाव से Reliance Group का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 30.5 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है, जिससे उसने कई सालों में पहली बार Tata Group को पीछे छोड़ दिया है।
कंपनी ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाए। CNBC-TV18 और Moneycontrol जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल साइज के हिसाब से यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO है।
वित्तीय प्रदर्शन और बाजार प्रभाव
2016 में कमर्शियल लॉन्च के बाद से Jio Platforms ने काफी विस्तार किया है। Bloomberg और The Economic Times के आंकड़ों के अनुसार, अब इसके पास 530 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी ने 1,46,885 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 14.6 प्रतिशत अधिक है।
टैक्स के बाद कंपनी का मुनाफा 30,049 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 51.91 प्रतिशत दर्ज किया गया। IPO सब्सक्रिप्शन डेटा के अनुसार, यह कुल मिलाकर 22.19 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ।
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की मांग 70.55 गुना रही।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की मांग 14 गुना रही।
- रिटेल आवेदकों की मांग 2.72 गुना रही।
BusinessToday के रिकॉर्ड बताते हैं कि कुल 1.39 करोड़ आवेदन मिले, जिससे एंकर इन्वेस्टर्स सहित कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस ऑफर से मिली राशि का मुख्य उपयोग सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm के करीब 27,500 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा। यह पब्लिक डेब्यू भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए एक बड़ा लिक्विडिटी इवेंट है। IPO के बाद Reliance Industries की हिस्सेदारी 66.4 प्रतिशत से घटकर 64.5 प्रतिशत रह गई है, लेकिन वह अभी भी बहुमत शेयरधारक बनी हुई है।
विशेषज्ञों का अनुमान और भविष्य की राह
Nomura ने इस स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग और 1,340 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। फर्म के विश्लेषकों ने टैरिफ बढ़ोतरी, एंटरप्राइज सेवाओं में विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की रोलआउट से ग्रोथ की संभावना जताई है। स्टॉक की सफलता औसत राजस्व प्रति यूजर (ARPU) के ट्रेंड और निरंतर फ्री कैश फ्लो जनरेशन पर निर्भर करेगी।
Jio Platforms के मैनेजमेंट ने तिमाही प्रदर्शन के नतीजों पर चर्चा के लिए 30 अक्टूबर को बोर्ड मीटिंग तय की है। निवेशक यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी आगे अपनी कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी को कैसे मैनेज करेगी। एक्सचेंज पर ट्रेडिंग एक्टिविटी भविष्य में इंडेक्स समावेश के फैसलों और संभावित हिस्सेदारी बिक्री के लिए रेफरेंस पॉइंट बनी रहेगी।









