Skip to main content

Naradsamvad

आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है शक्तिशाली चक्रवात अर्नब, 125 किमी की रफ्तार से चल रही हवाएं

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
5 Min Read

अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश और यनम तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस तूफान में अधिकतम हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई है। इस मौसम प्रणाली पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि प्रशासन ने जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं।

Ad image

अधिकारियों ने अब तक 89,000 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके साथ ही संभावित खतरों को देखते हुए 53 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 अक्टूबर की रात और 27 अक्टूबर की सुबह जारी बुलेटिनों में पुष्टि की है कि यह चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से गुजरते हुए अत्यंत गंभीर स्तर तक पहुंच गया है।

अनुमान है कि यह तूफान 28 अक्टूबर की दोपहर तक यनम के पास तट से टकराएगा। इस दौरान हवाओं के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार तटीय इलाकों में समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और तेज हवाएं चल रही हैं।

तूफान की सटीक स्थिति और चेतावनी

27 अक्टूबर को भारतीय मानक समय सुबह 05:30 बजे तक तूफान की स्थिति अक्षांश 15.9 डिग्री उत्तर और देशांतर 84.8 डिग्री पूर्व के पास थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक यह केंद्र विशाखापत्तनम से लगभग 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 300 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है।

ALSO READ  बाराबंकी में चलती कार में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे सीतापुर के पति-पत्नी

यह प्रणाली 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रही है। राज्य अधिकारियों ने कई जिलों में समन्वय का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। द न्यूज मिनट और अन्य मीडिया माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन ने तैयारी के लिए कई कदम उठाए हैं।

  • कुल 89,000 लोगों को कैंपों में भेजा गया है और होप आइलैंड के सभी 130 निवासियों को वहां से हटा लिया गया है।
  • 20 जिलों के लिए 27 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है।
  • NDRF की 15 टीमें सक्रिय हैं और SDRF की टीमें 11 जिलों में काम कर रही हैं।
  • 53 ट्रेनों को रद्द किया गया है और 1,763 शेल्टर होम चिन्हित किए गए हैं।

पोर्ट अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में उच्च स्तरीय खतरे की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार काकीनाडा में ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर X लागू है। वहीं विशाखापत्तनम, गंगवरम और भीमुनिपट्टनम में ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर IX प्रभावी है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद कर दिया है और समुद्र तटों पर जाने पर रोक लगा दी है।

ALSO READ  बृजभूषण शरण सिंह का कांग्रेस पर हमला, बोले यूपी में सपा के सहारे ही टिकी है पार्टी

क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा उपाय

यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के लिए एक बड़ी चुनौती है। APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अर्नब, 2014 के चक्रवात हुदहुद की तुलना में कम तीव्र है। हुदहुद ने विशाखापत्तनम के पास लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी थी। इस तूफान का असर केवल तटों तक सीमित नहीं रहेगा। तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रहने वाली आबादी को भी भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

ALSO READ  शाहजहाँपुर पुलिस ने C-Plan ऐप से जोड़ा 52,853 नागरिकों को, अपराध नियंत्रण और खोज में मिली मदद

ओडिशा ने भी एहतियाती कदम उठाते हुए 29 अक्टूबर तक चिलिका में नाव सेवाओं को निलंबित कर दिया है। राज्य आपदा प्राधिकरण के बयानों के अनुसार पारादीप पोर्ट ने 305 मछुआरों को ले जा रही 35 मछली पकड़ने वाली नावों को सुरक्षित आश्रय दिया है।

तटीय मछली पकड़ने वाले समुदायों को इस दौरान आय के नुकसान और उपकरणों की क्षति का सबसे अधिक खतरा है। छोटे किसान भी अपनी खड़ी धान और बागवानी फसलों को तेज हवाओं और बाढ़ से होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित हैं। तूफान के गुजरने के बाद बिजली और दूरसंचार सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना होगा क्योंकि बड़े पैमाने पर आउटेज की उम्मीद है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग तूफान पर नजर रखने के लिए हर तीन या छह घंटे में बुलेटिन जारी रखेगा। 28 अक्टूबर की दोपहर तक लैंडफॉल पर मुख्य ध्यान रहेगा। प्रभावित जिलों के लोग केवल mausam.imd.gov.in और राज्य सरकार की सलाह पर भरोसा करें। मौसम प्रणाली के पूरी तरह कमजोर होने तक सोशल मीडिया पर असत्यापित दावों को साझा करने से बचें।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!