मध्य प्रदेश के सीधी जिले में 24 अक्टूबर 2026 को एक ऐतिहासिक घटना हुई। भारत की आजादी के बाद पहली बार रामपुर नाकिन से चुराहाट के हिस्से में ट्रेन पहुंची। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने वर्चुअल तरीके से दो नए रेल खंडों का उद्घाटन किया।
इन दोनों नए खंडों की कुल लंबाई 118 किलोमीटर है। उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र की सेवा के लिए एक नई MEMU पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह विकास एक ऐसे रेलवे प्रस्ताव को पूरा करता है जिसे सबसे पहले 1956 में पेश किया गया था।
स्थानीय लोगों और Rewa के सांसद के बयानों के अनुसार, जिले को रेल कनेक्टिविटी के लिए करीब सात दशकों तक इंतजार करना पड़ा। 2011 की जनगणना के मुताबिक इस जिले की आबादी 1.13 मिलियन थी। सीधी जिला उत्तर-पूर्वी विंध्य क्षेत्र में स्थित है, जिसकी सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है। यह जिला ऐतिहासिक व्यक्तित्व राजा बीरबल, जिन्हें Mahesh Das के नाम से भी जाना जाता है, का जन्मस्थान है।
विंध्य रेल नेटवर्क के निर्माण में आई चुनौतियां और लागत
विंध्य क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए लगभग 1943 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस पूरी परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया था ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। इसमें Rewa से Churhat के बीच 65 किलोमीटर का सेक्शन शामिल है, जिस पर करीब 1070 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
इसके साथ ही Satna से Devendranagar के बीच 53 किलोमीटर का सेक्शन बनाया गया, जिसकी लागत 873 करोड़ रुपये रही। इंजीनियरों को Rewa से Churhat लाइन को पूरा करने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों के कारण वहां कई पुल बनाने पड़े और एक 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया।
MEMU ट्रेन का समय और परिचालन विवरण
इस नए रूट पर नियमित कमर्शियल सेवा 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गई है। यह ट्रेन हफ्ते में छह दिन चलेगी और रविवार को सेवा बंद रहेगी। ट्रेन संख्या 61629 सुबह लगभग 07:00 बजे Devendranagar से चलेगी और दोपहर 13:15 बजे तक Churhat पहुंचेगी।
वापसी के सफर के लिए ट्रेन संख्या 61630 दोपहर 15:00 बजे Churhat से रवाना होगी और रात करीब 21:25 बजे Devendranagar पहुंचेगी। रेल मंत्रालय ने सलाह दी है कि यात्री IRCTC या NTES ऐप पर समय की जांच जरूर कर लें। नए उद्घाटन के बाद परिचालन में बदलाव होना एक आम बात है।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य की योजनाएं
स्थानीय स्तर पर छात्रों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को उम्मीद है कि अब उनका यात्रा समय और खर्च कम होगा। पहले उन्हें भीड़भाड़ वाले हाईवे पर सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता था। इसके अलावा, Mukundpur White Tiger Safari और Sanjay Dubri Tiger Reserve जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
राज्य प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2026 तक ट्रेन की पहुंच सीधी शहर मुख्यालय तक हो जाएगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। ललितपुर से सिंगरौली कॉरिडोर का पूरा 541 किलोमीटर का काम दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- इस कॉरिडोर से सीमेंट और खनिज उद्योगों के लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा।
- यह प्रोजेक्ट बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के कम जुड़े जिलों को बड़े बाजारों से जोड़ेगा।
- Indian Railways के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार वर्तमान में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का प्रबंधन कर रही है।
विंध्य लिंक इन परियोजनाओं का एक मुख्य हिस्सा हैं। जो लोग नई सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं, वे IRCTC ऐप देख सकते हैं या स्थानीय स्टेशन बोर्ड से Devendranagar से Churhat MEMU सेवा की ताजा जानकारी ले सकते हैं। यात्री सेवाओं के शुरू होने के बावजूद, अंतिम कमर्शियल किराए और सुरंग निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं। अब यह क्षेत्र सिंगरौली की ओर विस्तार का इंतजार कर रहा है, जिससे सत्तर साल बाद जिले के नक्शे में स्थाई बदलाव आएगा।









