भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद धर्मेंद्र काश्यप 27 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हो सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में होने की उम्मीद है।
धर्मेंद्र काश्यप अकेले पार्टी में शामिल नहीं होंगे, बल्कि उनके साथ हजारों की संख्या में उनके समर्थक भी समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे। एसपी जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने पुष्टि की है कि यह कार्यक्रम इसी तारीख के आसपास तय किया गया है।
भाजपा से नाराजगी और पार्टी छोड़ने की वजह
धर्मेंद्र काश्यप 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी हार के बाद भाजपा के भीतर काफी असंतुष्ट थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह बात कही थी कि उन्हें पार्टी के अंदर दम घुटने जैसा महसूस हो रहा था।
उनका गुस्सा इस बात को लेकर था कि चुनाव के दौरान पार्टी के ही कुछ सदस्यों ने उनके खिलाफ प्रचार किया था। काश्यप इस बात से परेशान थे कि उन आंतरिक सदस्यों के खिलाफ पार्टी ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
भाजपा से उनके अलग होने की बात तब और तय हो गई जब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विदाई संदेश पोस्ट किया। इस संदेश के जरिए उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया था कि वह अब भाजपा से बाहर जा रहे हैं।
अखिलेश यादव से मुलाकात और PDA अभियान
इस राजनीतिक बदलाव से पहले अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र काश्यप के साथ एक बैठक की थी। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की जानकारी देते हुए इसे एक दोस्ताना मुलाकात बताया।
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ‘PDA’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाना है। इस बैठक के बाद ही काश्यप के पार्टी बदलने की खबरें तेज हुईं।
बेठरी चैनपुर सीट और बेटी का भविष्य
इस राजनीतिक बदलाव के पीछे एक मुख्य शर्त उनकी बेटी की राजनीतिक भविष्य से जुड़ी बताई जा रही है। उम्मीद है कि उनकी बेटी कीर्ति काश्यप को बेठरी चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाएगा।
हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शुभलेश यादव ने संकेत दिया है कि कीर्ति काश्यप की उम्मीदवारी लगभग तय है।









