उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस फैसले के बाद अब इस दिन सरकारी कामकाज बंद रहेंगे।
यह आदेश राज्य के सभी जिलों में लागू होगा। इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने इस विशेष दिन को आधिकारिक छुट्टी के रूप में मान्यता दी है।
अवकाश के नियम और आधिकारिक अधिसूचना
इस छुट्टी की घोषणा से पहले सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई थी। संदर्भ संख्या 671/teen-2025-39(2)-2016 वाली यह अधिसूचना 17 नवंबर 2025 को जारी हुई थी। उस समय इस दिन को पैराग्राफ 2(II) के क्रम संख्या 24 के तहत केवल एक प्रतिबंधित अवकाश के रूप में रखा गया था।
अब इस स्थिति को बदल दिया गया है और इसे पूर्ण सार्वजनिक अवकाश बना दिया गया है। इस बदलाव से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना प्रधान सचिव एस.वी.एस. रंगा राव द्वारा जारी की गई है।
संस्थाओं की छुट्टी और बैंकिंग सेवाओं की स्थिति
इस घोषणा के बाद राज्य भर के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज 26 अक्टूबर 2026 को बंद रहेंगे। यह छुट्टी मुख्य रूप से प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थानों के लिए लागू की गई है।
हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के दायरे में नहीं आता है। इसका मतलब है कि बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी और बैंक बंद नहीं होंगे। वित्तीय क्षेत्र के लिए यह छुट्टी लागू नहीं है, इसलिए बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे।
अखिल भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की मांग और मुख्यमंत्री का संदेश
यह फैसला अखिल भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की निरंतर मांगों के बाद लिया गया है। संगठन लंबे समय से राज्य स्तर पर इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर राज्य के निवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कुछ मुख्य बातें कही हैं:
- महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
- उनकी सीख सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में मदद करती है।
- उनके विचार आपसी भाईचारे और बुनियादी मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के उपदेश समाज में मानवता और प्रेम को बढ़ाने के लिए एक गहन प्रेरणा का काम करते हैं।









