अंकिता भंडारी केस से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका द्वारा दर्ज कराई गई एक FIR के बाद हुई है।
इस गिरफ्तारी ने पूरे मामले को एक नया और जटिल मोड़ दे दिया है। यह घटनाक्रम काफी हद तक वैसा ही है जैसा कि इसी शिकायतकर्ता ने साल 2025 में दर्ज कराए एक मामले में देखा गया था।
पुराने मामले और कानूनी कार्रवाई की समानता
साल 2025 में भी एक मामला दर्ज हुआ था जिसमें शिकायत करने वाला व्यक्ति, आरोपी और लगाए गए आरोप बिल्कुल एक जैसे थे। उस समय भी गिरफ्तारी की गई थी और उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए थे।
हालांकि, उन वारंट्स के बावजूद सनावर उस समय आजाद थीं और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। अब वर्तमान मामले में कानूनी प्रक्रिया की तेजी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
गिरफ्तारी और जेल भेजने की तेज प्रक्रिया
इस मामले में कानूनी कार्रवाई बेहद तेजी से पूरी की गई। FIR रात के समय दर्ज की गई और अगली सुबह ही एक्ट्रेस की गिरफ्तारी कर ली गई। इसके बाद शाम तक उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और रात होते-होते उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब उर्मिला सनावर को अगले ही दिन देहरादून की CBI कोर्ट में पेश होना था। उन्हें वहां नारको टेस्ट की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जाना था।
नारको टेस्ट और हाई-प्रोफाइल नामों पर सवाल
जेल जाने की वजह से अब यह चिंता जताई जा रही है कि एक्ट्रेस अपनी तय समय पर कोर्ट में पेशी कैसे करेंगी। इस स्थिति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर नारको टेस्ट से कौन डर रहा है और किसे बचाने की कोशिश की जा रही है।
उर्मिला सनावर ने बार-बार कुछ हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम लिए हैं, जिनकी पहचान को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह पूरा मामला और अधिक उलझता जा रहा है।









