उत्तर कोलकाता के Chorbagan Sarbojanin दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर, 2026 को एक भयानक भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की जान चली गई और 25 लोग घायल हो गए।
यह हादसा उस समय हुआ जब पंडाल के एग्जिट गेट पर अचानक भीड़ बढ़ गई। भारी बारिश की वजह से लोग बचने के लिए संकरी गली के अंदर जमा होने लगे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
Medical College Kolkata की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों की मौत मुख्य रूप से दम घुटने और पैरों तले कुचले जाने के कारण हुई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पुष्टि की है कि मरने वालों में एक सात साल का बच्चा और लगभग 13 महिलाएं शामिल हैं।
हादसे का समय और मौके की स्थिति
यह पूरी घटना चित्तरंजन एवेन्यू के पास राधा माधव साहा लेन में घटित हुई। चश्मदीदों ने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे जब अचानक तेज बारिश शुरू हुई, तो लोग उससे बचने के लिए भागने लगे।
बारिश से बचने की कोशिश में लोगों का हुजूम एक साथ उमड़ पड़ा और वे वहीं फंस गए। 18 अक्टूबर की सुबह तक प्रशासन ने छह से नौ शवों की पहचान कर ली थी।
The Hindu, Times of India और NDTV जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट के अनुसार, पंडाल में रोशनी की कमी, प्रवेश के संकरे रास्ते और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम न होना इस भगदड़ का मुख्य कारण बना। इन कमियों की वजह से लोगों के बीच घबराहट और तेजी से फैली।
जांच प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने इस त्रासदी की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि राज्य सरकार कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख रही है ताकि एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया जा सके।
घटनाक्रम के सटीक विवरण का पता लगाने के लिए इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस ने पंडाल के आयोजकों और निजी सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में ले लिया है।
परिजनों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने घायलों से मिलने के लिए अपने निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।
मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता
राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये और ग्रुप डी में एक सरकारी नौकरी देगी।
घायलों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी और उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।
Chorbagan पंडाल को इस साल उत्कृष्टता के लिए ‘Serar sera’ खिताब मिला था। इस सम्मान के कारण यहां भारी भीड़ उमड़ रही थी, जिससे इस तंग इलाके के बुनियादी ढांचे पर बहुत दबाव पड़ा।
सुरक्षा रिकॉर्ड और भविष्य की जांच
National Crime Records Bureau के 2001 से 2024 तक के आंकड़े बताते हैं कि भारत में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएं होती रही हैं। साल 2011 में 489 मौतें और 2015 में 480 मौतें दर्ज की गई थीं।
हाल के समय में 2024 की हाथरस त्रासदी और 2025 की महाकुंभ भगदड़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भीड़ विज्ञान के शोध बताते हैं कि जब एक वर्ग मीटर में पांच से अधिक लोग होते हैं, तो जोखिम बढ़ जाता है।
कोलकाता की घटना भी इसी तरह की थी जहां संकरी जगह और खराब मौसम ने सुरक्षा नियंत्रण को ध्वस्त कर दिया। विश्लेषण में यह बात सामने आती है कि न्यायिक जांचों के बावजूद कई पुराने मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो पाई है।
वर्तमान में परिजन Medical College Kolkata में अपने रिश्तेदारों की पहचान कर रहे हैं और शवों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने अन्य पूजा स्थलों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
आगामी जांच में इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि क्या अनुमति देते समय भीड़ का अनुमान लगाया गया था। SIT यह भी देखेगी कि क्या सार्वजनिक घोषणाओं ने भीड़ बढ़ाने में भूमिका निभाई और क्या भारी भीड़ के दबाव से कोई ढांचागत विफलता हुई थी।









