मेरठ के 500 नागरिकों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक याचिका सौंपी है। इस याचिका के जरिए उन्होंने नैमिषारण्य से मथुरा तक एक नई रेलवे लाइन स्थापित करने की पुरजोर मांग की है।
यह मांग एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसे क्षेत्र के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक इस अभियान के समर्थन में कुल 11,966 लोगों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट को नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। इस समिति का लक्ष्य एक ऐसा रेल कॉरिडोर बनाना है जो पांच प्रमुख तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ सके।
रेल कॉरिडोर की योजना और उद्देश्य
समिति के अनुसार, प्रस्तावित रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 112 किलोमीटर होगी। यह बुनियादी ढांचा परियोजना धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई है।
समिति के महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी को सुधारना है।
इस अभियान का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.आर. सिंह कर रहे हैं। उन्होंने इससे पहले 12 अगस्त, 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी इस मांग के बारे में सूचित किया था।
जनता का समर्थन और अन्य रेल विकास
रेलवे विस्तार के लिए जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जनवरी 2026 में आजमगढ़ के 513 निवासियों ने भी इस कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का समर्थन किया था।
उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय रेलवे सुविधाओं को बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इसी के तहत 8 अक्टूबर, 2026 तक मेरठ शहर को खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने वाली दो MEMU सेवाएं शुरू की गई हैं।
क्षेत्र में कनेक्टिविटी के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी लागू हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मेरठ मेट्रो का संचालन।
- नमो भारत ट्रेन की शुरुआत।
इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में किया था। यह सब 12,930 करोड़ रुपये के विकास पैकेज का हिस्सा था।









