बाराबंकी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे केबल चोरी करने वाले एक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रेलवे केबल चोरी की कई वारदातों के बाद की गई है।
यह पूरा ऑपरेशन रसौली ब्रिज, शारदा ब्रिज और रेट नदी के पास हुई चोरियों के बाद चलाया गया। RPF की इस कार्रवाई में चार चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले दो लोगों को पकड़ा गया है।
इस ऑपरेशन को इंस्पेक्टर-इन-चार्ज के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर रविशंकर मिश्रा और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बजरंगबली यादव ने किया, जिसमें कांस्टेबल कमल किशोर ध्यानी ने पूरा सहयोग दिया।
डिजिटल सबूतों और मुखबिरों की मदद से हुई गिरफ्तारी
इस गिरोह को पकड़ने के लिए जांच टीम ने आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया। CCTV फुटेज, डिजिटल सबूतों और मुखबिरों से मिली खुफिया जानकारी की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया।
पकड़े गए चार चोरों की पहचान संदीप, विशाल, बृजेश और मनीष के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी दरियाबाद-रामसनेही घाट इलाके के रहने वाले हैं।
इसके अलावा, चोरी का माल खरीदने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम हारून और अमीर हसन हैं, जो उन्नाव के हसनगंज के निवासी हैं।
बेरोजगारी और नशे की लत ने बनाया अपराधी
पूछताछ के दौरान पकड़े गए संदिग्धों ने अपने अपराध की वजह बताई। उन्होंने खुलासा किया कि वे पहले महामदपुर इलाके की एक ईंट भट्ठे पर मजदूर के तौर पर काम करते थे।
भट्ठा बंद होने के बाद वे बेरोजगार हो गए थे। आर्थिक तंगी और नशे की लत को पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी का रास्ता चुना।
- आरोपी सुनसान रेलवे ट्रैक के किनारे सिग्नल केबल काटते थे।
- केबल काटने के लिए वे हैक्सॉ ब्लेड का इस्तेमाल करते थे।
- चोरी किए गए माल को मुख्य रूप से उमाकांत नाम के एक स्थानीय व्यक्ति को बेचा जाता था।
अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से इलाके में सिग्नल नेटवर्क की चोरी पर लगाम लगेगी। इससे क्षेत्र में रेल परिचालन की सुरक्षा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।









