रायबरेली में एक मां और उसकी बेटी पर हुए हमले की जांच अब आधिकारिक तौर पर हरदोई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। यह हमला 7 अक्टूबर 2026 को हुआ था।
यह पूरी घटना जगतपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उदवा गांव में हुई थी। उस समय रिधिमा सिंह अपनी 12 साल की बेटी को स्कूल ले जा रही थीं।
इस मामले की जांच की कमान अब हरदोई के एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) श्लोक गौतम ने संभाल ली है। वह अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे।
घटनास्थल का निरीक्षण और पीड़ितों के बयान
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को एएसपी श्लोक गौतम अपनी जांच टीम के साथ उस जगह पहुंचे जहां हमला हुआ था। यह घटनास्थल अन्नपूर्णा भवन के ठीक सामने स्थित है।
दौरे के दौरान अधिकारियों ने मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ितों के औपचारिक बयान दर्ज किए। इस प्रक्रिया के जरिए हमले की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की गई।
हमले की वजह और सोशल मीडिया पर वीडियो
शुरुआती रिपोर्टों से यह संकेत मिला है कि इस हमले के पीछे जमीन का पुराना विवाद था। इसके साथ ही संबंधित पक्षों के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी भी इस हमले की वजह बताई जा रही है।
इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर पीड़ितों की कार पर ईंट और पत्थर बरसा रहे थे और उस दौरान बच्ची मदद के लिए चिल्ला रही थी।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों के नाम
घटना के बाद से ही पीड़ित लगातार पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने मामले की गंभीरता बताने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात भी की थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन नामजद संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- रितेश मिश्रा
- सत्यम मिश्रा
- शिवम मिश्रा
दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में इन तीन नामजद व्यक्तियों के अलावा पांच अन्य अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। अब हरदोई क्राइम ब्रांच को इस केस के सभी पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है ताकि घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाया जा सके और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।









