लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के दफ्तर में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को भारी हंगामा और अराजकता फैल गई। यह पूरी घटना उस समय हुई जब नए राज्य अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद का आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभालने का समारोह चल रहा था।
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर जूते और चप्पल फेंकने लगे, जिससे पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई।
इस हंगामे के बीच निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना से नाराज होकर अजय राय ने पार्टी परिसर के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
अजय राय और ममता चौधरी के बीच विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ अजय राय और कांग्रेस नेता व मालवीय नगर की कॉर्पोरेटर ममता चौधरी के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी प्रतिद्वंद्विता है। चश्मदीदों ने बताया कि विवाद तब शुरू हुआ जब ममता चौधरी ने कथित तौर पर अजय राय के खिलाफ कुछ टिप्पणियां कीं।
इन टिप्पणियों के बाद अजय राय ने उन्हें ‘अपनी सीमा में रहने’ की चेतावनी दी, जिससे माहौल और गरमा गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अजय राय के एक समर्थक ने हाथ में जूता लहरा दिया, जिसके बाद दोनों गुटों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
पार्टी से निष्कासन की मांग और राहुल गांधी से बातचीत
अजय राय ने सीधे तौर पर ममता चौधरी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि ममता चौधरी को तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए, क्योंकि उनका कहना है कि इस तरह के व्यवहार से संगठन की छवि खराब होती है।
इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हंगामे के दौरान अजय राय ने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से फोन पर बात भी की।
विवाद के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी
दफ्तर में मचे इस बवाल को शांत करने के लिए राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने बीच-बचाव किया। उन्होंने अजय राय को समझा-बुझाकर वापस दफ्तर के अंदर ले जाने की कोशिश की।
हालांकि, विवाद इतना बढ़ गया था कि अजय राय ने निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। सत्ता हस्तांतरण के लिए आयोजित यह कार्यक्रम अंततः पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच आपसी झगड़े और सार्वजनिक शत्रुता की भेंट चढ़ गया।









