Uttar Pradesh Food Safety and Drug Administration (FSDA) ने राज्य के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए नए और कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाना है।
ये नए नियम होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे चलने वाले ढाबों सहित सभी खाने-पीने की दुकानों पर लागू होंगे। इन निर्देशों में पारदर्शिता और साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया है।
मेन्यू कार्ड और खाद्य सामग्री की जानकारी
अब सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने ग्राहकों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि खाना बनाने में किस प्रकार के खाद्य तेल का उपयोग किया जा रहा है। इस जानकारी को मेन्यू कार्ड पर साफ तौर पर लिखना अनिवार्य होगा।
खासकर वे संस्थान जो सेंट्रल लाइसेंस के साथ काम कर रहे हैं या जिनके दस से ज्यादा आउटलेट हैं, उन्हें विस्तृत मेन्यू कार्ड रखना होगा। इसमें शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों की अलग पहचान होनी चाहिए।
इसके अलावा, मेन्यू में इस्तेमाल होने वाले फूड कलर, स्वीटनर और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों की जानकारी भी देनी होगी। प्रतिबंधित रंगों, रसायनों और लिक्विड नाइट्रोजन का उपयोग खाने को सजाने के लिए पूरी तरह वर्जित है।
साफ-सफाई और कर्मचारियों के लिए नियम
हाइजीन प्रोटोकॉल को काफी सख्त कर दिया गया है। प्रतिष्ठानों को किचन की सफाई, उचित रोशनी, वेंटीलेशन और जल निकासी की व्यवस्था पर पूरा ध्यान देना होगा।
कीटों और मक्खियों को रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर मेश स्क्रीन (जाली) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों के लिए हेयरनेट, ग्लव्स और एप्रन पहनना जरूरी होगा।
नियमों के मुताबिक, जिन व्यक्तियों को कोई संक्रामक रोग या त्वचा संबंधी बीमारी है, उन्हें खाना बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने की सख्त मनाही है।
लाइसेंस और शिकायतों का रिकॉर्ड
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा। ग्राहकों की शिकायतों के लिए ‘Food Safety Connect’ QR कोड लगाना भी जरूरी होगा।
प्रतिष्ठानों को इन शिकायतों का एक औपचारिक रिकॉर्ड रखना होगा। इसके साथ ही उन्हें निम्नलिखित दस्तावेजों को संभाल कर रखना होगा:
- कच्चे माल की खरीद के बिल और सप्लायर की जानकारी।
- रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीजर के तापमान का लॉग।
- सफाई और पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड।
- स्टाफ के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट।
नए दिशा-निर्देशों के तहत बासी, एक्सपायर्ड या प्रतिबंधित कच्चे माल और पैकेज्ड फूड के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

























