शाहजहाँपुर की निगोही पुलिस ने एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री भटपुरा मिश्रा और मिल्कीया गांवों के बीच स्थित एक पुरानी और खंडहर इमारत में चलाई जा रही थी।
पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
बरामद हथियारों और सामानों की सूची
पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान वहां से पांच तैयार देसी तमंचे और दो जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इसके अलावा एक आधी बनी हुई पिस्तौल और एक बैरल भी बरामद हुआ है।
तलाशी के दौरान पुलिस को दो पिस्तौल की बॉडी और तीन मोबाइल फोन मिले हैं। हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न औजार भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं।
आरोपियों की पहचान और काम करने का तरीका
पकड़े गए आरोपियों की पहचान भटपुरा मिश्रा निवासी रामलाल के बेटे संतोष और निगोही के घनश्यामपुर निवासी गंगा सिंह के बेटे अनिल सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने अवैध हथियार बनाने और उन्हें बेचने की बात कबूल की है।
आरोपियों ने बताया कि वे हथियारों के पुर्जे तैयार करने के लिए कबाड़ की दुकानों और आरा मिलों से कच्चा माल इकट्ठा करते थे। वे सुनसान जगहों पर इन हथियारों को असेंबल करते थे।
हथियारों की बिक्री और कानूनी कार्रवाई
पकड़े गए लोग इन हथियारों को स्थानीय होटलों और सड़क किनारे स्थित ढाबों पर रुकने वाले ट्रक ड्राइवरों को बेचते थे। ये हथियार 3,000 से 5,000 रुपये के बीच की कीमतों पर बेचे जाते थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस क्राइम नंबर 0455/2026 और आर्म्स एक्ट की धारा 5/25 के तहत मामला दर्ज किया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों संदिग्धों को अब कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

























