हाथरस में एक ट्रक ड्राइवर ने स्थानीय ट्रैफिक पुलिस पर ‘नो एंट्री’ नियमों को लागू करने के दौरान गंभीर आरोप लगाए हैं। ड्राइवर का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उससे 3,000 रुपये की ‘सुविधा शुल्क’ यानी रिश्वत मांगी थी।
ड्राइवर के अनुसार, जब उसने मांगी गई राशि देने से इनकार कर दिया, तो अधिकारियों ने बदले में उसे 20,000 रुपये का ट्रैफिक उल्लंघन चालान थमा दिया। ये आरोप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे हैं।
फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। हाथरस पुलिस और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय समेत स्थानीय अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस पर भ्रष्टाचार के पुराने मामले
जिले में ट्रैफिक नियमों को लागू करने को लेकर तनाव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 17 सितंबर 2026 को एक टेम्पो ड्राइवर ने ट्रैफिक कर्मियों पर रिश्वत मांगने और शारीरिक मारपीट करने का आरोप लगाया था।
इसी तरह 15 सितंबर 2026 को एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक ट्रैफिक अधिकारी को 8,000 रुपये के चालान की धमकी देकर 500 रुपये की रिश्वत मांगते हुए देखा गया था।
इसके अलावा, 23 जुलाई 2026 को इगलास अड्डा चौराहे पर भी रिश्वतखोरी की एक समान घटना सामने आई थी। इस मामले के बाद ट्रैफिक सर्कल ऑफिसर ने जांच शुरू की थी।
भारी वाहनों की नो एंट्री और विरोध प्रदर्शन
जिले में लागू ‘नो एंट्री’ प्रतिबंधों की वजह से स्थानीय लॉजिस्टिक कामकाज पर काफी असर पड़ा है। भारी वाहनों के लिए सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया जा रहा है।
ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल और हाथरस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस पाबंदी के खिलाफ औपचारिक रूप से विरोध जताया है।
प्रशासनिक निर्देश और ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौतियां
त्योहारों के सीजन से पहले ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने 30 सितंबर 2026 को सख्त निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद सिस्टम में कई चुनौतियां बनी हुई हैं।
3 अक्टूबर 2026 को शहर में भारी जाम देखा गया। इस दौरान अधिकारियों को मजबूरी में बिना स्टैंडर्ड एंट्री स्लिप के ट्रैक्टरों को स्थानीय बाजार में आने की अनुमति देनी पड़ी।
हाथरस प्रशासन ट्रैफिक अनुशासन पर अपना ध्यान बनाए हुए है। इसके तहत प्रशासन ने हाल ही में निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- 11 सितंबर 2026 को 600 ई-रिक्शा के सत्यापन अभियान चलाए गए।
- 17 जुलाई 2026 को ओवरलोडिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया।
- इस ओवरलोडिंग अभियान के दौरान कुल 250 चालान काटे गए और 30 वाहनों को जब्त किया गया।

























