उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा राजनीतिक अभियान चलाया। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी (SP) की 34वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया था।
इस दौरान उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के खिलाफ 34 विशिष्ट आरोपों की एक सूची पेश की और पार्टी के शासनकाल को ‘पाप का घड़ा’ करार दिया।
बीजेपी नेताओं का दावा है कि समाजवादी पार्टी का यह पाप का घड़ा अब टूट रहा है। इस प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने सपा के पिछले तीन दशकों के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सपा शासन पर गंभीर आरोप और भ्रष्टाचार के मुद्दे
पंकज चौधरी ने अपने आरोपों में सपा शासन के दौरान फैले भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का जिक्र किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के समय में राज्य में ‘गुंडाराज’ और ‘माफियाराज’ को बढ़ावा दिया गया था।
इसके अलावा, बीजेपी ने भर्ती प्रक्रियाओं में हुई गड़बड़ियों और दलित कल्याण के मोर्चे पर सपा की विफलताओं को भी उजागर किया। पार्टी ने दावा किया कि सपा सरकार ने समाज के पिछड़े वर्गों के हितों की अनदेखी की।
मुजफ्फरनगर दंगे और अखिलेश यादव पर हमला
बीजेपी नेताओं ने साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आम जनता राहत शिविरों में कष्ट झेल रही थी, तब सपा नेता अखिलेश यादव सैफई में कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे।
बीजेपी नेता कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश यादव का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वह राजनीतिक लाभ पाने के लिए अब भगवा रंग और प्रतीकों को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रतीकात्मक विरोध और सपा की तैयारी
इस प्रदर्शन के दौरान एक भौतिक घड़े को तोड़ने की कोशिश की गई, जो ‘पाप के घड़े’ का प्रतीक था। हालांकि, यह घड़ा आसानी से नहीं टूटा, जिस कारण वहां मौजूद लोगों ने इसे तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए औजारों पर टिप्पणी की।
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने इस प्रदर्शन पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। लेकिन उन्होंने हाल ही में बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।
समाजवादी पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। इसके लिए पार्टी ने ‘प्लान कास्ट 41’ बनाया है, जिसके तहत बूथ स्तर पर जातिगत आंकड़ों पर ध्यान दिया जा रहा है।
- सपा अब बीजेपी के राजनीतिक नैरेटिव के जवाब में अपना ‘वोट का बुलडोजर’ नारा प्रमोट कर रही है।
- बीजेपी ने सपा के 34 साल के इतिहास को भ्रष्टाचार और अपराध से जोड़ा है।
- अखिलेश यादव वोटर लिस्ट में अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे हैं।

























