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सनी गुप्ता, संभल9 मिनट पहले
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संभल की बावड़ी पर वाटरफ्रूप टेंट लगाया गया।
संभल की 150 साल पुरानी बावड़ी की खुदाई एक बार फिर शुरू होगी। डीएम के निरीक्षण के बाद नगर पालिका की ओर से वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है, बावड़ी को संरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन गंभीर है। दूसरा तल कमजोर होने के कारण ASI की टीम ने निरीक्षण के बाद खुदाई के काम को रुकवाया था।
पूरा मामला कोतवाली चंदौसी क्षेत्र के मोहल्ला लक्ष्मणगंज में रानी की 150 साल पुरानी बावड़ी अपने अस्तित्व में आई है। चंदौसी शहर निवासी कौशल किशोर वंदे मातरम ने 21 दिसंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में बावड़ी पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत की थी। नगर पालिका परिषद चंदौसी के मजदूरों को लगाकर बावली की साफ सफाई करने के अलावा खुदाई के काम को कराया गया।
बावड़ी की 5 तस्वीरें….





खुदाई में बावड़ी का पहला हिस्सा निकालकर आया और उसके बाद दूसरे तल का जब हिस्सा निकाल कर आया तो वह कमजोर स्थिति में था। बावड़ी को कोई नुकसान न पहुंचे इसके लिए ASI की टीम ने काम को रुकवा दिया। उधर बावड़ी की जद में आए गुलनाज बी पत्नी युसूफ सैफी का 90 गज का मकान आया था, 10 जनवरी को नगर पालिका परिषद चंदौसी ने अवैध मकान निर्माण का नोटिस दिया था, 50 गज मकान का हिस्सा पूरी तरह से टूट गया और पूरा परिवार दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया एवं एसपी कृष्ण विश्नोई ने बावड़ी का पिछले सप्ताह निरीक्षण किया और बारिश से बचाव के लिए नगर पालिका परिषद चंदौसी अध्यक्ष लता वार्ष्णेय को वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था करने के लिए कहा। इसके बाद पक्का टीन शेड न बनाकर अब पालिका प्रशासन की ओर से बावड़ी को सुरक्षित करने के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाया जा रहा है। वहीं सुरक्षा के लिए आज से पुलिस-पीएसी बल को तैनात किया गया है और बावड़ी पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं है।
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