बाराबंकी के कोतवाली नगर इलाके में धर्मेंद्र, जिन्हें लकी के नाम से भी जाना जाता था, ने आत्महत्या कर ली है। मृतक की मां शीला कुमारी ने सूरज और कुरबान नाम के दो व्यक्तियों पर अपने बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने और लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
शीला कुमारी के अनुसार, यह पूरा मामला पहले हुए एक मारपीट के केस से जुड़ा है। उनका आरोप है कि सूरज और कुरबान उनके बेटे पर दबाव बना रहे थे कि वह उनके खिलाफ दर्ज कानूनी शिकायत को वापस ले ले।
जातिसूचक शब्दों और धमकी का आरोप
मृतक की मां का दावा है कि आरोपियों ने शिकायत वापस लेने के लिए उसके बेटे को जातिसूचक गालियां दीं और उसे जान से मारने की धमकी दी। शीला कुमारी ने बताया कि इन्हीं लगातार धमकियों और प्रताड़ना की वजह से उसके बेटे ने 29 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली।
उनका कहना है कि उनके बेटे की मौत के लिए आरोपी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। मृतक की बहन सोनी समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने न्याय की मांग की है।
शीला कुमारी ने पुलिस अधीक्षक (SP) को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई है। फिलहाल इन आरोपों की समीक्षा की जा रही है और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या दावों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।









