उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने आज, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मेगा रैली में राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी की सराहना की है। यह रैली मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित की गई थी।
मिश्रा ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश से लगभग एक लाख कार्यकर्ता और नागरिक राजधानी पहुंचे। पार्टी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी 75 जिलों और छह संगठनात्मक क्षेत्रों से समर्थकों को जुटाया गया था। शनिवार, 31 अक्टूबर तक करीब 10,000 कांग्रेस सदस्य दिल्ली पहुंच चुके थे।
कार्यकर्ताओं का समन्वय और संबोधन
इस पूरी तैयारी का समन्वय उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में स्थापित एक समर्पित कंट्रोल रूम के जरिए किया गया। राजधानी से नजदीकी के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्रों से उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया था।
रैली को संबोधित करते हुए मिश्रा ने इस आयोजन को लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए एक दृढ़ संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के संबोधन ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है।
मिश्रा ने कहा कि रैली के संदेश को हर गांव तक पहुंचाया जाएगा और कांग्रेस गांधी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। जहाँ कांग्रेस पार्टी ने इस विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने की एक महत्वपूर्ण लड़ाई बताया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रैली के उद्देश्य और ‘INDIA’ विपक्षी गठबंधन के आंतरिक तालमेल पर सवाल उठाते हुए बयान जारी किए हैं।









