सपा नेता और सांसद राजीव राय ने मौजूदा सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्ता में बैठे लोग सक्रिय रूप से नफरत और झूठ फैला रहे हैं।
राजीव राय की यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी के उस राजनीतिक रुख के अनुरूप है, जो प्रशासनिक ईमानदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के मुद्दे पर सरकार को चुनौती देती रहती है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी भारत में चुनावी प्रक्रिया के संचालन को लेकर लगातार चिंता जताती रही है।
चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोप
इन आरोपों का मुख्य केंद्र Election Commission of India रहा है। INDIA गठबंधन सहित विपक्षी नेताओं ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी ने विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की जांच की है। उन्होंने चुनाव प्रबंधन में अनियमितताओं और जिसे वे सिस्टमैटिक ‘वोट चोरी’ कह रहे हैं, उसके आरोप लगाए हैं।
राजीव राय और सपा नेताओं द्वारा इन दावों को दोहराए जाने के बावजूद Election Commission ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। इस संवैधानिक संस्था का कहना है कि सभी चुनावी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ और आयुक्तों की सर्वसम्मति से संचालित की जाती हैं।
राष्ट्रीय चर्चा और ब्रिक्स फोरम
घरेलू राजनीतिक विवादों के अलावा, राजीव राय राष्ट्रीय विमर्श में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में 12वें BRICS Parliamentary Forum में हिस्सा लिया, जहां भारत के राजनयिक और विदेश नीति उद्देश्यों पर चर्चा की गई।









