केंद्रीय एजेंसियों ने 23 अक्टूबर 2026 को एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया और म्यांमार से जुड़े 100 करोड़ रुपये के हवाला नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ रखा गया है। इसका मुख्य लक्ष्य उन वित्तीय नेटवर्कों को खत्म करना है जो भारत-म्यांमार की सीमा पर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल को पैसा मुहैया कराते हैं।
भारत की 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा है। जांच एजेंसियों ने पाया है कि गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र से आने वाले नशीले पदार्थों के लिए यह सीमा एक मुख्य रास्ता है।
नशीले पदार्थों की तस्करी और वित्तीय जाल
तस्करी किए जाने वाले पदार्थों में हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथाम्फेटामाइन शामिल हैं। ये नशीले पदार्थ आमतौर पर मिजोरम के चम्फई और जोखावथर जैसे सेक्टरों के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं।
Enforcement Directorate, ANI, The Hindu और New Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रीज किए गए बैंक खाते नार्को-ट्रेड ऑपरेटरों और म्यूल-अकाउंट धारकों के थे। ये खाते मिजोरम और मणिपुर में स्थित विभिन्न लाभार्थियों के नाम पर थे।
जांच में यह बात सामने आई कि म्यूल-अकाउंट धारक अपने खाते किराए पर देते थे। इसके बदले में उन्हें प्रति लाख ट्रांसफर पर 500 रुपये का शुल्क मिलता था।
अवैध वित्तीय कॉरिडोर और मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका
आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि यह नेटवर्क अवैध सामान और पैसों के लेन-देन के लिए दोतरफा रास्ते की तरह काम करता था। Enforcement Directorate के विवरण के अनुसार, प्रीकर्सर केमिकल म्यांमार की ओर भेजे जाते थे।
वहीं तैयार नशीले पदार्थ भारत में प्रवेश करते थे और असम के रास्ते अन्य राज्यों और बांग्लादेश भेजे जाते थे। मणिपुर में ‘नुनियांग’ कोड नाम वाला एक मिनी-ATM काउंटर इस खेल का केंद्र था।
इस काउंटर ने दिसंबर 2024 से जून 2026 के बीच कुल 2,947 ट्रांसफर किए, जिनकी कुल राशि 175.03 करोड़ रुपये थी। यह पैसा मिजोरम के सीमावर्ती शहरों में व्यापारियों, फार्मेसियों और अन्य व्यक्तियों को भेजा गया था।
गिरफ्तारियां और जब्त की गई संपत्तियां
Enforcement Directorate ने Prevention of Money Laundering Act के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन लोग मिजोरम और तीन मणिपुर से पकड़े गए हैं।
पूरे ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के दौरान कुल 18 गिरफ्तारियां हुई हैं। Press Information Bureau और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों के अनुसार, इस कार्रवाई में 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
Prevention of Money Laundering Act के तहत 17.82 करोड़ रुपये की संपत्तियां प्रोविजनली अटैच की गई हैं। इससे कुल सुरक्षित संपत्ति 26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। इसमें चम्फई का पांच मंजिला होटल JTS भी शामिल है, जो एक हवाला ऑपरेटर के रिश्तेदार के नाम पर है।
सीमावर्ती समुदायों पर प्रभाव और भविष्य की योजना
यह पूरी कार्रवाई मार्च 2025 से जुलाई 2026 के बीच हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथाम्फेटामाइन की तीन अलग-अलग जब्ती के बाद की गई है। इन तीनों घटनाओं ने जांचकर्ताओं को उन्हीं बैंक खातों तक पहुंचाया जो मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा में मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अक्टूबर 2026 को अपने संबोधन में इस समन्वित कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल पर एक घातक प्रहार बताया। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक बड़े ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
इस ऑपरेशन की वजह से जोखावथर जैसे सीमावर्ती कस्बों के वैध व्यवसायों को शुरुआती परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गिरफ्तार किए गए छह व्यक्तियों के मामले की सुनवाई जल्द ही विशेष PMLA कोर्ट में होगी।
- एजेंसियां अब नए सेटलमेंट रास्तों की निगरानी कर रही हैं।
- पूर्वोत्तर के राज्य सरकारें बैंकिंग और व्यापार नियंत्रण की समीक्षा करेंगी।
- वित्तीय प्रणालियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।









