बुलंदशहर में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के चार पीड़ितों को शनिवार सुबह कासगंज के देहली बुजुर्ग गांव में एक साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक साल की बच्ची प्रगति को अलग से दफनाया गया।
यह भीषण दुर्घटना नरोरा पुलिस स्टेशन इलाके के रतनपुर गांव के पास हुई थी। यहां एक ईको कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। बताया जा रहा है कि ड्राइवर के सोने की वजह से वह नियंत्रण खो बैठा और यह हादसा हो गया।
हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों की जानकारी
इस दुखद हादसे में कुल पांच लोगों की जान चली गई, और ये सभी देहली बुजुर्ग गांव के रहने वाले थे। मृतकों में 60 साल के रामदीन वर्मा, उनके 28 साल के बेटे लोकेंद्र, 55 साल के ड्राइवर शिवशेखर मिश्रा, प्रवीण की पत्नी बबीता और एक साल की बच्ची प्रगति शामिल हैं।
ये सभी लोग प्रगति के मुंडन संस्कार के लिए बेलोन वाली माता मंदिर जा रहे थे। इस दुर्घटना में तीन लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें लक्ष्मी, 5 साल का प्रतीक और 11 साल की अनिका शामिल हैं। घायल तीनों लोग फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
अंतिम संस्कार और प्रशासन की मौजूदगी
मृतकों में शामिल ड्राइवर शिवशेखर मिश्रा का अंतिम संस्कार अलग से कदरगंज घाट पर किया गया। अंतिम विदाई के दौरान गांव में माहौल बेहद गमगीन था और funeral procession में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
अंतिम संस्कार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें पटियाली के एसडीएम, सर्कल ऑफिसर अमित कुमार, सिधपुरा पुलिस स्टेशन के कर्मचारी और बीडीओ कुलदीप कुशवाहा शामिल थे।
विधायक का दौरा और मुआवजे की मांग
अमापुर विधायक हरिओम वर्मा ने पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए गांव का दौरा किया और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वह राज्य सरकार से हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश करेंगे।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी मांग उठाई है। ग्रामीणों ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है।

























