उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में जमीन के विवाद को लेकर एक हिंसक झड़प हुई है। यह घटना कोखराज पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले शाहजादपुर मिश्रणा टोला इलाके में घटी।
इस विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस संघर्ष में लाठियों और डंडों का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से दो लोगों की हालत गंभीर है। इन दोनों गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
महिला से बदसलूकी और पुलिस की जांच
इस हिंसक टकराव के दौरान शारीरिक हमले के गंभीर आरोप भी लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विवाद के समय एक महिला के कपड़े खींचने का दावा किया गया है।
इस पूरी हिंसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कौशाम्बी पुलिस ने मामले की सक्रियता से जांच शुरू कर दी है।
जिले में जमीन विवाद की लंबी फेहरिस्त
कौशाम्बी जिले में जमीन को लेकर तनाव की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में यहाँ कई ऐसे मामले सामने आए हैं।
1 अक्टूबर 2026 को रामपुर मदुकी गांव के निवासी सीता राम ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन (गाटा नंबर 250) पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
सीता राम ने अपनी शिकायत में निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर 2026 को इस मामले में स्टे ऑर्डर जारी किया गया था।
हिंसा की पिछली घटनाएं और कानूनी कार्रवाई
जिले में महिलाओं पर हमले और सामूहिक हिंसा की अन्य घटनाएं भी दर्ज हैं। 23 सितंबर 2026 को कौशाम्बी में एक अन्य हिंसक विवाद हुआ था, जिसमें महिलाओं के साथ मारपीट की खबरें आई थीं।
इससे पहले 14 जून 2026 को तेवान गांव में जमीन को लेकर भीषण संघर्ष हुआ था। उस समय लाठी, डंडों और तलवारों के इस्तेमाल से कुल 17 लोग घायल हुए थे।
उस घटना के बाद तेवान चौकी इंचार्ज अनिल कुमार पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई थीं।
इसके अलावा, साल 2026 के जनवरी और अप्रैल महीनों में भी कौशाम्बी में इसी तरह के विवाद हुए थे। उन घटनाओं में पत्थरबाजी हुई थी और कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और दर्जनों नामजद व अज्ञात संदिग्धों पर कानूनी कार्रवाई की गई थी।

























