भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio 20 अक्टूबर, 2026 को मुंबई में औपचारिक बातचीत करेंगे। यह उच्च स्तरीय मुलाकात दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों देश अमेरिका में होने वाले आगामी G20 शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिका के विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान उनका पूरा शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, Mr. Rubio 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करेंगे।
ऊर्जा और रक्षा साझेदारी पर रहेगा मुख्य जोर
इन चर्चाओं के मुख्य स्तंभों में ऊर्जा सहयोग को सबसे ऊपर रखा गया है। अमेरिकी राजनयिक ने जामनगर में Reliance की सुविधाओं का दौरा करने की योजना बनाई है ताकि वहां चल रहे ऊर्जा प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया जा सके। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने इस दौरे की जानकारी दी है।
दोनों नेताओं के बीच होने वाली इन बातचीत में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें व्यापार, रक्षा और महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी सेक्टर शामिल हैं। साथ ही, क्षेत्रीय मुद्दों को भी एजेंडे में प्राथमिकता दी गई है। Business Standard और The Hindu Business Line की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों सरकारें इन बैठकों के जरिए अपनी ‘Comprehensive Global Strategic Partnership’ को और मजबूत करना चाहती हैं। इस संवाद का मकसद महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाओं से पहले दोनों देशों के रणनीतिक हितों को एक दिशा में लाना है।
मुंबई में अन्य राजनयिक कार्यक्रम और मेहमान
मुंबई में केवल अमेरिकी विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण मेहमान भी पहुंचेंगे। विदेश मंत्री S. Jaishankar संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan की भी मेजबानी करेंगे। ये बैठकें 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित की जाएंगी।
इस अवधि के दौरान विदेश मंत्री शहर में आयोजित अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘Guest of Honour’ के रूप में शामिल होंगे। इन मुलाकातों का एक बड़ा लक्ष्य लंबित व्यापार समझौतों को सुलझाना भी है। अधिकारी दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर प्रगति को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे। इन चर्चाओं के परिणाम आगामी G20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण इनपुट प्रदान कर सकते हैं।
वेन्यू चयन को लेकर राजनीतिक विवाद और सरकार का जवाब
इन कार्यक्रमों के लिए नई दिल्ली के बजाय मुंबई को चुनने पर घरेलू राजनीतिक हलकों में कुछ सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेताओं, जिनमें Rahul Gandhi शामिल हैं, ने पारंपरिक वेन्यू प्रोटोकॉल में बदलाव पर अपनी आलोचना व्यक्त की है। Mr. Gandhi ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उनका मानना है कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है।
विदेश मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को एक ब्रीफिंग के दौरान इस स्थान के चयन का बचाव किया। प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक से विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी राजधानी शहर के बाहर करना एक आम बात रही है। राजनयिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह तरीका देश के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों के बढ़ते आर्थिक महत्व को दर्शाता है।
- अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने पहले संकेत दिया था कि Mr. Rubio मुंबई में ये विशिष्ट बातचीत करना चाहते थे।
- यात्रा के शुरुआती विवरण अमेरिकी पक्ष से सामने आए थे, जिससे भारतीय विपक्षी दलों की ओर से टिप्पणियां आईं।
- Firstpost और Times of India जैसे मीडिया संस्थानों ने सरकारी बयानों के जरिए इन विवरणों की पुष्टि की है।
फिलहाल दोनों पक्ष इन जटिल द्विपक्षीय वार्ताओं को आगे बढ़ाते हुए राजनयिक निरंतरता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

























