लखीमपुर खीरी जिले के रूर सुल्तानपुर गांव में शारदा नदी के भीषण कटाव ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं और उनकी खेती की जमीन के साथ-साथ अनाज रखने के गोदाम भी नदी में समा गए हैं।
नदी का जलस्तर और कटाव इतना बढ़ गया कि 13 अक्टूबर, 2026 तक पानी लोगों के घरों की दहलीज तक पहुंच गया। इस संकट की वजह से विस्थापित हुए लोगों के सामने अब जीवित रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस आपदा से अब तक लगभग 400 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 80 परिवारों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
धार्मिक स्थलों को नुकसान और ग्रामीणों का आक्रोश
नदी के कटाव ने गांव के स्थानीय स्थलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। गांव का माता जी मंदिर पूरी तरह से पानी में डूब गया है, जबकि वीर बाबा मंदिर का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया है।
14 अक्टूबर, 2026 को ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आपातकालीन बचाव उपायों जैसे कि पत्थरों और सैंडबैग्स (मिट्टी की बोरियों) को लगाने की मांग तेज कर दी है।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग ने इस इलाके को केवल ‘फ्लड जोन’ घोषित कर दिया है ताकि उन्हें यहां कोई बचाव कार्य न करना पड़े।
अधिकारियों का आश्वासन और जिले की स्थिति
बाढ़ प्रभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने पुष्टि की है कि नदी के किनारे का कटाव 15 फीट तक हो चुका है। वहीं, गोला तहसीलदार अरुण कुमार सिंह ने भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों के घर या जमीन नदी में बह गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
पूरे जिले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। एडीएम बृजेश कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जिले के 150 गांव प्रभावित हुए हैं।
इस आपदा का असर बहुत व्यापक है, जिसमें शामिल है:
- 41 गांवों के 64,720 निवासी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
- जिले के 109 गांवों में खेती की जमीन को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
फसल नुकसान का मुआवजा और राहत सामग्री
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि पांच तहसीलों के 24,271 किसानों की 8,148.2 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। इस नुकसान की भरपाई के लिए 17 करोड़ 21 लाख 93 हजार 434 रुपये की सहायता राशि मंजूर की गई है।
तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन ने अब तक 14,008 राहत किट और 2,22,405 लंच पैकेट वितरित किए हैं।
राज्य स्तर पर राहत कार्यों के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए नौ लाख से अधिक किसानों को 493 करोड़ रुपये भेजने की मंजूरी दी है।
लखीमपुर खीरी के 9,250 किसानों को पहले ही 6 करोड़ 42 लाख 74 हजार 93 रुपये मिल चुके हैं। बाकी बचे 15,021 किसानों को अगले दो दिनों के भीतर 10 करोड़ 79 लाख 19 हजार 341 रुपये दिए जाएंगे।









