Patna Medical College Hospital (PMCH) के ट्रॉली कर्मियों ने वेतन न मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। ये कर्मचारी पिछले तीन महीनों से अपनी सैलरी नहीं पाने के कारण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के पास धरने पर बैठे इन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है। कर्मियों का आरोप है कि हाल ही में त्योहारों का सीजन बीत जाने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं दिया गया है।
प्रशासन पर वसूली और पैसों की मांग का आरोप
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा टेंडर बदलने के नाम पर उनसे 20,000 से 25,000 रुपये की मांग की जा रही है।
कर्मियों ने इस वसूली को गलत बताया है और अपनी बुनियादी मांगों को पूरा करने की अपील की है। वे चाहते हैं कि उन्हें समय पर वेतन मिले और भ्रष्टाचार पर रोक लगे।
वेतन और छुट्टियों को लेकर प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे ट्रॉली कर्मियों ने अपनी मांगों की एक सूची साझा की है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
- कर्मियों ने 12,000 रुपये मासिक वेतन की मांग की है।
- वे चाहते हैं कि वेतन का भुगतान समय पर किया जाए।
- हर महीने चार दिन की छुट्टी का प्रावधान मांगा गया है।
कर्मियों ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि जब तक उनकी ये सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
बिहार के अस्पतालों में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला
बिहार के बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं के बाधित होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
July 2026 में PMCH के वार्ड अटेंडेंट ने पांच महीने के बकाया वेतन और न्यूनतम मजदूरी के नियमों के उल्लंघन को लेकर हड़ताल की थी। इसके अलावा, July और August 2026 में इसी संस्थान के जूनियर डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड और सुरक्षा कारणों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
इसी तरह August 2026 में मुजफ्फरपुर के Shri Krishna Medical College Hospital (SKMCH) में ट्रॉली कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने वेतन बकाया होने पर हड़ताल की थी। वे कर्मचारी अपनी आउटसोर्सिंग एजेंसी से आश्वासन मिलने के बाद ही काम पर लौटे थे।









