मुंबई के पास नालासोपारा-वसई लिंक रोड पर स्थित इंपीरियल हाइट्स अपार्टमेंट की एक ऊंची इमारत में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को भीषण आग लग गई। यह हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ, जिसने पूरी बिल्डिंग में अफरा-तफरी मचा दी।
इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई है। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय फाल्गुनी शाह और 50 वर्षीय अश्विनी पारकर के रूप में हुई है। शुरुआती आशंका है कि इन दोनों महिलाओं की मौत धुएं की वजह से सांस लेने में तकलीफ होने के कारण हुई है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।
आग की वजह से छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन सभी घायलों को इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है।
इमारत की कई मंजिलों पर फैला आग का कहर
आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। यह आग इमारत की 8वीं से 10वीं मंजिल तक तेजी से फैल गई। रिपोर्ट के मुताबिक, आग का असर 14वीं मंजिल तक भी देखा गया।
जब आग ने चार मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया, तो वहां फंसे निवासी अपनी जान बचाने के लिए मजबूर हो गए। गर्मी और धुएं से बचने के लिए कई लोग इमारत के बाहरी छज्जों (ledges) पर चढ़ गए ताकि वे सुरक्षित बच सकें।
बचाव अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही वसई-विरार सिटी म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दमकलकर्मियों ने बाहरी छज्जों पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए क्रेन और ऊंची सीढ़ियों का इस्तेमाल किया।
इस ऑपरेशन के दौरान 14वीं मंजिल पर फंसे चार सदस्यों वाले एक परिवार को 45 मिनट के इंतजार के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इमरजेंसी कर्मियों ने कुल 15 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई अन्य लोग अपने दम पर इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे।
प्रशासन की जांच और कार्रवाई
वसई-विरार सिटी म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर पृथ्वीराज बी.पी. ने इमरजेंसी रिस्पांस के समय की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद साइट पर कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया। यह प्रक्रिया इसलिए की गई ताकि दोबारा आग लगने का खतरा न रहे और इमारत को पूरी तरह ठंडा किया जा सके।









