Hyundai Motor Group ने भारत के लिए 15.5 बिलियन डॉलर की एक बड़ी निवेश योजना का खुलासा किया है। यह निवेश योजना साल 2026 से शुरू होकर 2032 तक चलेगी। इस पूंजी निवेश का मुख्य उद्देश्य देश भर में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना, रिसर्च और डेवलपमेंट के प्रयासों को तेज करना और लोकल सप्लाई चेन का विस्तार करना है।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयर Euisun Chung ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ बैठक के बाद इस प्रतिबद्धता की घोषणा की। यह कदम भारतीय बाजार पर कंपनी के लंबे समय के भरोसे को दर्शाता है और इसे समूह की वैश्विक रणनीति के एक केंद्रीय स्तंभ के रूप में देखा जा रहा है।
वर्तमान में भारत में Hyundai और Kia ब्रांड्स की मजबूत पकड़ है और पैसेंजर व्हीकल मार्केट में इनकी कुल हिस्सेदारी लगभग 18 से 19 प्रतिशत है। समूह द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उनकी मौजूदा फैसिलिटीज में सालाना करीब 1.4 मिलियन यूनिट्स का उत्पादन किया जा रहा है।
रिसर्च और भविष्य की मोबिलिटी पर जोर
इस वित्तीय निवेश का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा रिसर्च और डेवलपमेंट को समर्पित है। कंपनी ने एक भारतीय रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर और एक समर्पित टेस्टिंग ट्रैक के लिए 700 मिलियन डॉलर अलग रखे हैं।
यह नया सेंटर तकनीक को स्थानीय बनाने पर काम करेगा ताकि भारतीय ड्राइवरों के लिए भविष्य के मोबिलिटी समाधान तैयार किए जा सकें। समूह के बयान में स्पष्ट किया गया है कि भारत दुनिया भर में उनके सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक बाजारों में से एक बना हुआ है।
कंपनी ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे के लिए राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दोहराता है। Reuters, Financial Express, Business Standard, CNBC-TV18 और Yonhap द्वारा दिए गए विश्लेषण के अनुसार, यह पहल सरकार के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कदम से घरेलू ऑटोमोटिव सेक्टर और समग्र औद्योगिक क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस पूरी योजना का प्रबंधन समूह द्वारा स्थापित एक समर्पित इन्वेस्टमेंट एंटिटी के जरिए किया जाएगा, जो मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के चरणबद्ध कार्यान्वयन की निगरानी करेगी।
हालांकि नए वाहन मॉडल या सटीक रोजगार सृजन के आंकड़ों का खुलासा अभी नहीं किया गया है, लेकिन इस प्रोजेक्ट से भारत की ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। वर्तमान में देश के भीतर समूह के ऑपरेशन्स में 24,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
जैसे-जैसे छह साल की कार्यान्वयन अवधि के दौरान उत्पादन बढ़ेगा, क्षेत्रीय सप्लाई चेन के विस्तार से स्थानीय सप्लायर्स को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। आगे की योजना के बारे में कंपनी ने निम्नलिखित बातें बताई हैं:
- समूह अपनी नई इन्वेस्टमेंट एंटिटी की स्थापना तुरंत शुरू करने का इरादा रखता है।
- जैसे ही योजना अपने सक्रिय चरण में पहुंचेगी, मैन्युफैक्चरिंग अपग्रेड और तकनीकी रिसर्च से जुड़े चरणबद्ध प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे।









